आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने एक सप्ताह के भीतर बैंकों से 657अरब पाकिस्तानी रुपया उधार लिया है। यह खुलासा डॉन ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में दी। यह कर्ज सरकार ने अपने बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए लिया है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के आंकड़ों से पता चला है कि वाणिज्यिक बैंकों से सरकार की उधारी 1 जुलाई 2023 से 5 अप्रैल 2024 तक रिकॉर्ड 5.5 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई है।
5.5 लाख करोड़ तक पहुंची कुल उधारी
वहीं, 13 अप्रैल को एसबीपी की रिपोर्ट के अनुसार वाणिज्यिक बैंकों से सरकार की उधारी 4.8 लाख करोड़ थी। इससे पता चलता है कि एक सप्ताह के दौरान सरकार ने करीब 657 अरब पीकेआर का उधार लिया। डॉन के अनुसार यह भारी उधारी अर्थव्यवस्था पर अत्यधिक बोझ डाल रही है।
जून तक 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है उधारी
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि आईएमएफ के साथ नया समझौता पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से उधार लेने का रास्ता खोल सकता है। साथ ही जून 2024 के अंत तक उधारी 7 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है।