Election Commissioner Arun Goel
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मालदीव में राष्ट्रपति चुनाव हो रहा है। यह भारत और चीन के लिए काफी अहम है। मालदीव के चुनाव आयोग के निमंत्रण पर चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल मालदीव में जारी राष्ट्रपति चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर वहां गया हुआ है। इस दल में गोयल के अलावा उप चुनाव आयुक्त अजय भादू, प्रमुख सचिव प्रमोद कुमार शर्मा भी शामिल हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि अन्य देशों और संगठनों के अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भी चुनाव अवलोकन कार्यक्रम में भाग लिया। भारतीय चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया, मतदाता सूची, पंजीकरण, पहचान प्रणाली और प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उसने स्थानीय चुनाव आयोग की पहल का भी जिक्र किया।
बता दें, शनिवार को मालदीव में राष्ट्रपति पद के लिए प्रथम चरण का मतदान हुआ था, लेकिन इसमें किसी को बहुमत नहीं मिलने पर अब 30 सितंबर को सबसे ज्यादा मत पाने वाले पहले दो उम्मीदवारों के बीच चयन के लिए मतदान होगा।
दरअसल, राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को भारत समर्थक माना जाता है। वह दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, उनके मुख्य विपक्षी उम्मीदवार मोहम्मद मुइज की पार्टी ‘पीपुल्स नेशनल कांग्रेस’ को चीन समर्थक माना जाता है। इसलिए भारत में जी20 सम्मेलन के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन चुनावों के परिणामों की फिक्र जरूर होगी। भले ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत नहीं आए हों, लेकिन उन्हें भी यह जानने में दिलचस्पी होगी कि आखिर देश का राष्ट्रपति कौन बनेगा।
इन चुनावों के नतीजों को भारत और चीन दोनों पर ही असर पड़ने वाला है। अगर राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह जीतते हैं तो चीन परेशान होगा और अगर चीन समर्थक मोहम्मद मुइज को जीत मिलती है तो भारत के लिए परेशानी बढ़ेगी। मुइज, चीन समर्थक है और उनके जीतने से हिंद महासागर पर भारत की मौजूदगी प्रभावित होगी।