मालदीव के विदेश मंत्री से मिलते भारतीय विदेश मंत्री
- फोटो : एक्स/मूसा जमीर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को मालदीव में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने अड्डू पुनर्ग्रहण और तट संरक्षण परियोजना का हस्तांतरण समारोह और एक्जिम बैंक की ऋण सहायता के तहत भारत सरकार की मदद से बनाई गई 4-लेन डेटोर लिंक सड़क परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर भी मौजूद थे।
जयशंकर ने कहा कि मालदीव हमारे लिए हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। यह ‘पड़ोसी प्रथम’ की हमारी नीति के केंद्र में है। और इसलिए यह बहुत ही स्वाभाविक है कि हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़ गया है तथा आज वास्तव में एक आधुनिक साझेदारी बनने की आकांक्षा है।
उन्होंने कहा कि विकास के क्षेत्र में हमारे सहयोग का उद्देश्य लोगों के जीवन के सभी पहलुओं को छूना और उनके जीवन में इसके ठोस लाभ लाने के तरीके खोजना है। जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मालदीव में लगभग 22 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत मालदीव में क्षेत्रीय विकास को कितना महत्व देता है।
शनिवार को भी विकास योजना का उद्घाटन किया था विदेश मंत्री जयशंकर ने
शनिवार को मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने भी राजधानी माले में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और इस बात में विश्वास जताया कि भारत हमेशा जरूरत के समय मालदीव की मदद के लिए खड़ा रहेगा। एमडीपी ने बयान जारी कर कहा कि भारत और मालदीव के आपसी रिश्ते एक दूसरे के प्रति सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून, क्षेत्रीय संप्रभुत्ता और साझा हितों के साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा पर आधारित हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने मालदीव दौरे पर 11 करोड़ डॉलर के स्वच्छ जल प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन किया। इसकी भी फंडिंग भारत द्वारा की गई है। मालदीव में मोहम्मद मुइज्जू की सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली मालदीव यात्रा है।