विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर वैश्विक चुनौतियों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दो दिनी दौरे के आखिरी दिन जयशंकर ने सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री तेयो ची हेन और कारोबार मंत्री गान किम योंग के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
उप-प्रधानमंत्री वोंग से मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा, वैश्विक स्थिति पर उनकी अंतर्दृष्टि सराहनीय है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री हियान से मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा, वरिष्ठ मंत्री तेयो ची हेन से मिलकर अच्छा लगा। कारोबार मंत्री से मुलाकात के बाद जयशंकर ने लिखा, दीर्घकालिक प्रभाव वाले सहयोग के नए क्षेत्रों पर केंद्रित चर्चा हुई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने व्यापार मंत्री गान किम योंग से मुलाकात के दौरान दीर्घकालिक प्रभाव वाले द्विपक्षीय सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। जयशंकर दक्षिण पूर्व एशिया के दो देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में यहां पहुंचे हैं। जयशंकर ने कहा कि शुक्रवार सुबह व्यापार एवं उद्योग मंत्री गान किम योंग से मिलकर अच्छा लगा हमने दीर्घकालिक प्रभाव वाले सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) में इन विचारों को आगे बढ़ाने को उत्सुक हैं।
जयशंकर सिंगापुर के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी और साझेदारी बढ़ाने के अवसर तलाशने के प्रयास किए जाएंगे।
भारत-सिंगापुर के रिश्ते कुछ वर्षों में काफी गहरा गए हैं
भारत-सिंगापुर के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में काफी गहराए हैं। दोनों देश रणनीतिक साझेदार हैं। सिंगापुर दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है, जिन्हें भारत ने जी-20 के अध्यक्ष के तौर पर गत माह दिल्ली में मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया था। इसके अलावा पिछले महीने ही भारत-सिंगापुर की नौसेनाओं ने दक्षिण चीन सागर में एक सप्ताह तक चलने वाले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास सिम्बेक्स में भाग लिया था।