अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होना है। इसके लिए राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली डिबेट (बहस) हुई। इस बहस के दौरान गर्भपात का भी मुद्दा भी जोरों से उठा। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमला किया। जहां ट्रंप ने कहा कि गर्भपात के अधिकारों को खत्म करना एक अहम फैसला था। वहीं, बाइडन ने इसे भयानक और हास्यापद निर्णय करार दिया।
राष्ट्रपति ने ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में रूढ़िवादियों को नियुक्त करके गर्भपात के राष्ट्रव्यापी अधिकार को समाप्त करने में सक्षम बनाने के लिए भी दोषी ठहराया। इस पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने तर्क दिया कि बाइडन गर्भपात पर किसी भी सीमा का समर्थन नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्यों पर फैसला छोड़ना कार्रवाई का सही तरीका था।
ट्रंप ने आगे कहा कि बाइडन दक्षिणी अमेरिकी सीमा को सुरक्षित करने में नाकामयाब रहे हैं और कई अपराधियों को जन्म दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि वह इसे बाइडन प्रवासी अपराध कहते हैं। इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ने जवाब दिया कि एक बार फिर बढ़-चढ़ाकर झूठ बोल रहे हैं।
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि यह विचार कि नेता, संस्थापक चाहते थे कि महिला के स्वास्थ्य के बारे में निर्णय राजनेता ही लें, हास्यास्पद है। किसी नेता को यह फैसला नहीं लेना चाहिए। एक डॉक्टर को फैसला करना चाहिए। ऐसा ही होना चाहिए। इस बीच, ट्रंप ने कहा कि वह दुष्कर्म और मां के जीवन के लिए गर्भपात पर प्रतिबंध के अपवादों का समर्थन करते हैं और सुझाव दिया कि ऐसा नहीं करना राजनीतिक रूप से अस्थिर है।
पहले आधे घंटे में बाइडन पर भारी पड़े ट्रंप
दोनों नेताओं के बीच यह बहस अटलांटा में एक मीडिया चैनल के मुख्यालय में हुई। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, ट्रंप और बाइडन ने अपनी शुरुआती बातचीत में अर्थव्यवस्था पर बहस की, जिसमें दोनों नेताओं ने मुद्रास्फीति, नौकरियों और कर नीति को लेकर एक दूसरे पर हमला बोला। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा कि बहस के पहले आधे घंटे में बाइडन थोड़े नर्वस दिखाई दिए, वहीं ट्रंप ऊर्जा से भरे हुए थे, लेकिन उन्होंने अपने जवाबों में झूठ का भी सहारा लिया। ट्रंप ने कैपिटल में हुए हंगामे को लेकर अपनी भूमिका से इनकार किया और दंगे में दोषी ठहराए गए लोगों के आचरण को भी खतरनाक मानने से इनकार कर दिया।
इडाहो राज्य में महिलाओं को आपात स्थिति में गर्भपात की इजाजत
बहस से पहले, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक चौंकाने वाले फैसले में इडाहो के कड़े गर्भपात प्रतिबंध से जुड़ी अपील को खारिज किया। गर्भपात अधिकार समर्थकों के लिए इस फैसले को एक जीत माना जा रहा है। यह फैसला भविष्य में महिलाओं को आपात स्थिति में गर्भपात की अनुमति देगा।
शीर्ष अदालत ने एक निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें चिकित्सा आपात स्थिति में इडाहो में गर्भपात को जारी रखने की अनुमति दी गई थी। यह फैसला ऐसे समय में आया, जब एक दिन पहले गलती से शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर एक विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें कहा गया था कि चिकित्सा आपात स्थिति में राज्य में गर्भपात की अनुमति दी जाएगी। हालांकि बाद में इस बयान को हटा दिया गया था।
इडाहो अमेरिका का एक ऐसा राज्य है, जिसे गर्भपात पर सख्त पाबंदियों के लिए जाना जाता है। शीर्ष अदालत का यह फैसला 2024 के अमेरिकी चुनावों से पहले मचे सियासी घमासान के बीच आया है। चुनाव में डेमोक्रेट गर्भपात के अधिकार को जरूरी मुद्दा बना रहे हैं। राष्ट्रपति जो बाइडन और कमला हैरिस का चुनावी अभियान गर्भपात के अधिकार की वकालत कर रहा है।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का 2022 का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट के जून 2022 के रो बनाम वेड के फैसले बाद इडाहो में गर्भपात को कानून द्वारा अपराध घोषित कर दिया गया था। कानून के मुताबिक, राज्य में गर्भपात करने वाले को दो से पांच साल तक की कैद हो सकती है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को कानूनी तौर पर मंजूरी देने वाले पांच दशक पुराने ऐतिहासिक रो बनाम वेड फैसले को जून 2022 में पलट दिया था। इसका मतलब था कि अमेरिकी महिलाओं के लिए गर्भपात के हक का कानूनी दर्जा खत्म हो जाएगा। हालांकि राहत की बात यह है कि अमेरिका के सभी राज्य गर्भपात को लेकर अपने-अपने अलग नियम बना सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि संविधान गर्भपात का अधिकार प्रदान नहीं करता है।
उन्होंने यह भी बताया था कि गर्भपात को विनियमित करने का अधिकार लोगों और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस कर दिया गया है। बहुमत से लिए गए फैसले को सुनाते हुए न्यायमूर्ति सैमुअल अलिटो ने कहा था कि गर्भपात एक गहरा नैतिक मुद्दा प्रस्तुत करता है, जिस पर अमेरिकी तीव्र परस्पर विरोधी विचार रखते हैं। संविधान प्रत्येक राज्य के नागरिकों को गर्भपात को विनियमित करने या प्रतिबंधित करने से प्रतिबंधित नहीं करता है।