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डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-चीन गतिरोध को बताया ‘बहुत बुरा’, कहा- अमेरिका मदद को तैयार

Sat, 05 Sep 2020 10:48 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच लद्दाख गतिरोध का जिक्र किया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि पश्चिमी हिमालय से गुजरने वाली पर्वत सीमा को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद को सुलझाने में अमेरिका मदद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत और चीन के संबंधों में मदद करने के लिए तैयार है।

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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी भारत-चीन सैन्य गतिरोध के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं चीन और भारत के बीच सीमा पर क्या चल रहा है। यह एक बहुत ही खराब स्थिति है और हम चीन और भारत के संबंध में मदद करने के लिए तैयार हैं। अगर हम कुछ भी कर सकते हैं, तो हम इसमें शामिल होना और मदद करना पसंद करेंगे। हम दोनों देशों से इस बारे में बात कर रहे हैं।’


व्हाइट हाउस प्रेस वार्ता में जब उनसे पूछा गया कि क्या चीन भारत को धमका रहा है तो उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है नहीं। लेकिन वे निश्चित रूप से ये अधिक मजबूती से कर रहे हैं जितना की अन्य लोग समझ सकें। प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं और वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, कुछ भी आसान नहीं है।’
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यह भी पढ़ें- भारतीय-अमेरिकी मुझे देंगे वोट, पीएम मोदी एक शानदार नेताः डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे पास भारत और प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन है। मुझे लगता है कि भारतीय लोग ट्रंप को वोट देंगे। मैं महामारी से ठीक पहले भारत गया था। वहां के लोग अविश्वसनीय हैं। आपको एक महान नेता मिला है और वे एक महान व्यक्ति हैं।’ उन्होंने कहा कि चीन एक ऐसा राष्ट्र है जिसके बारे में आपको रूस से ज्यादा बात करनी चाहिए क्योंकि चीन जो काम कर रहा है वह कहीं ज्यादा खराब है। देखिए चीन के वायरस ने क्या किया। देखिए दुनियाभर के 188 देशों के साथ क्या हो रहा है।
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चीन को लेकर ट्रंप का बयान ऐसे समय पर आया है जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष वी फेंग और एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मॉस्को में बैठक की। दोनों देशों के रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए रूस में हैं और माना जा रहा है कि उन्होंने जारी सैन्य गतिरोध पर चर्चा की।

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