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भ्रष्टाचार का दानव लील रहा है विकास की संभावनाएं, एकजुटता की जरूरत

Tue, 10 Dec 2019 12:54 AM IST
संजीव कुमार झा यूएन हिंदी समाचार
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भ्रष्टाचार - फोटो : un hindi samachar
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विश्व भर में हर साल खरबों डॉलर की रकम या तो रिश्वतखोरी या फिर भ्रष्ट तरीकों की भेंट चढ़ जाते हैं जिससे कानून के शासन की अहमियत तो कम होती ही है, साथ ही मादक पदार्थों, हथियारों और लोगों की अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिलता है।

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हर साल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने वाले खरबों डॉलर की ये रकम वैश्विक घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 5 फीसदी के बराबर है। भ्रष्टाचार से एक बेहतर दुनिया बनाने के प्रयासों के रास्ते में भारी रुकावट पैदा होती है।

भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र के अपराध निरोधक कार्यालय के प्रमुख यूरी फेदोतॉफ ने कहा है कि ऐसे में जब हम टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कार्रवाई दशक में दाखिल हो रहे हैं तो भ्रष्टाचार उन्मूलन और स्वच्छ प्रशासन को बढ़ावा देने के प्रयास बढ़ाना भी बेहद ज़रूरी है। किसी को भी पीछे ना छोड़ देने का संकल्प पूरा करने के लिए भी ऐसा करना बहुत जरूरी है।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद बांदे ने भी ध्यान दिलाया है कि हर साल लगभग 2.6 ट्रिलियन डॉलर की रकम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस एक अच्छा मौका है जब दुनिया भर में भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के खिलाफ किए जा रहे प्रयासों को पहचाना जाए और उन्हें ज्यादा बढ़ावा भी दिया जाए।

ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय  (UNODC) के कार्यकारी निदेशक यूरी फेदोतॉफ हर साल नौ दिसंबर को मनाए जाने वाले भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के मौके पर एक वक्तव्य जारी करके कहा, भ्रष्टाचार से लोगों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार संसाधनों और अवसरों की उपल्बधता के रास्ते में रुकावट पैदा करता है, साथ ही भ्रष्टाचार से सार्वजनिक संस्थानों में भरोसा कम होता है और सामाजिक संवाओं की अहमितय कम होती है।

ऐसा होने से भ्रष्टाचार एक बेहतर दुनिया बनाने के हमारे प्रयासों में बड़ी रुकावट बनता है।

युवाओं की आवाज सुनें

यूएनओडीसी प्रमुख का कहना है, हमें युवाजनों की आवाजें जरूर सुननी होंगी। लगभग दस साल तक भ्रष्टाचार निरोधक कन्वेंशन को लागू करने के प्रयासों के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। बहुत से देशों ने भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए विधायी कार्रवाई की है, अपने संस्थान मजबूत किए हैं और देशों के बीच सहयोग भी बढ़ाया है।

यूएनओडीसी भ्रष्टाचार निरोधक कन्वेंशन को आसानी समझने और उसे लागू करनें भी देशों की मदद करता है, साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक एजेंडा को वैश्विक स्तर पर प्रमुखता से आगे बढ़ाने में भी मदद करता है।

यूरी फेदोतदॉफ ने बताया, इन प्रयासों के तहत साल 2021 में पहली बार महासभा का एक विशेष सत्र भी होने वाला है जिसके लिए हमें सटीक तैयारियाँ करनी हैं।

उन्होंने कहा, इस विशेष सत्र के लिए समावेशी माहौल बनाने के लिए हमें युवाओं की आवाजें सुननी होंगी जो पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं, साथ ही उनके समुदायों में समुचित कार्रवाई करके भी प्रगति दिखानी होगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी यूरी फेदोतॉफ के विचारों से सहमति व्यक्त करते हुए कहा, लोगों का क्रोधित होना जायज है। भ्रष्टाचार से हमारे समाजों के वजूद और बेहतरी, हमारे बच्चों के भविष्य और हमारे पृथ्वी ग्रह के लिए जोखिम पैदा होता है। भ्रष्टाचार का मुकाबला हम सभी को एकजुट होकर करना होगा।

यूएन प्रमुख का कहना था, और जैसाकि हम महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई और एक न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए युवाओं की सक्रियता देख रहे हैं, ये देखकर प्रेरणा महसूस होती है कि युवजन भ्रष्टाचार और उससे संबंधित गतिविधियों का खात्मा करने के लिए आगे बढ़कर जवाबदेही और न्याय की भी माँग कर रहे हैं।

एंतोनियो गुटेरश ने कहा, "इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर मैं दुनिया भर में सभी लोगों से आग्रह करता हूँ कि भ्रष्टाचार का खात्मा करने के लिए रचनात्मक समाधान तलाश करने में अपने प्रयास जारी रखें। इससे पूरी दुनिया के लोगों को बहुमूल्य संसाधन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।''
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शिक्षा व भ्रष्टाचार का नाता 

महासभा अध्यक्ष का कहना था,  "वित्त व विकास पर अदीस अबाबा एक्शन एजेंडा के अनुसार अगर हमें 2030 के टिकाऊ विकास एजेंडा के लक्ष्य हासिल करने हैं तो हम सभी को भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटना होगा।''

"भ्रष्टाचार धन व संसाधनों को गरीबी दूर करने के प्रयासों से हटा देता है। भ्रष्टाचार की वजह से समाज में टकराव और संघर्ष पनपते और बढ़ते हैं। मैंने गरीबी उन्मूलन और गुणवत्ता वाली शिक्षा को महासभा के 74वें सत्र के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं के तौर पर निर्धारित किया है।

उनका कहना था कि भ्रष्टाचार के कारण गुणवत्ता वाली शिक्षा की उपलब्धता भी बाधित होती है, साथ ही भ्रष्टाचार की धारणा का असरदार तरीके से मुकाबला करने शिक्षा भी एक अति महत्वपूर्ण पहलू है। अच्छी शिक्षा के जरिए ही ऐसी धारणा और हिम्मत विकसित होती है जिसमें भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाता।

"हम जिस तरह से युवजनों को शामिल करते हैं उसी से टिकाऊ विकास और शांति की संभावनाएँ तय होंगी। भ्रष्टाचार का मुकाबला करने के टिकाऊ समाधानों के लिए युवाओं को न्याय के लिए सशक्त व सक्रिय बनाना बेहद अहम औजार है।''

उन्होंने कहा कि कोई भी देश भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है और भ्रष्टाचार से मुक्ति पाना वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चुनौती बन चुका है। "इस भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर आइए, हम सभी इस दानव के खिलाफ लड़ाई के लिए फिर से समर्पित करें, जिसमें सहयोग व साझेदारियाँ शामिल हों"
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