कोरोना महामारी में श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से कमी आई है। जिसके चलते श्रीलंका ने कृषि रसायनों, कारों और अपने मुख्य मसाले हल्दी के आयात में कटौती की है।
कोरोना महामारी से उबरने के लिए संघर्ष के बीच श्रीलंका अपने भारी कर्ज को चुकाने के लिए संघर्ष कर रहा है। देश में कई उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी और लंबे समय से चल रहे संकट से तंग आकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
टूथब्रश, स्ट्रॉबेरी और चीनी सहित सैकड़ों विदेशी सामानों को प्रतिबंधित किया
श्रीलंका ने व्यापार घाटे को कम करने के लिए टूथब्रश, स्ट्रॉबेरी, सिरका, वेट वाइप्स और चीनी सहित सैकड़ों विदेश से आने वाले सामानों को प्रतिबंधित कर दिया है या विशेष लाइसेंसिंग आवश्यकताओं के अधीन ला दिया है। महामारी से पहले ही श्रीलंका मुश्किल में था और पर्यटन उद्योग के प्रभावित होने से यह परेशानी और बढ़ गई।
पर्यटन विदेशी मुद्रा आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इस समय देश का विदेशी मुद्रा भंडार मुश्किल से तीन महीने के आयात का भुगतान करने के लिए पर्याप्त है। बड़ी मात्रा में विदेशी कर्ज की अदायगी लंबित है, जिससे श्रीलंका की वित्तीय प्रणाली प्रभावित हो रही है।
भुगतान संतुलन के लिए सरकार ने अमेरिकी डॉलर के लेनदेन को सीमित कर दिया है। फिच रेटिंग्स ने श्रीलंका को सीसीसी श्रेणी में डाउनग्रेड कर दिया है, जो डिफॉल्ट की वास्तविक संभावना को दर्शाता है।