अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी में जलवायु परिवर्तन संचार कार्यक्रम के निदेशक एंथनी लीजरविट्ज के मुताबिक दुनिया भर में जलवायु संकट बढ़ रहा है। इसलिए इस मुद्दे का मतदाताओं की निगाह में महत्त्व भी बढ़ रहा है। इसकी एक वजह तो यह है कि विज्ञान ने अब बारे में ठोस जानकारी दी है, जो खतरनाक तस्वीर पेश करती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक कनाडा के चुनाव में जलवायु परिवर्तन मुद्दे से सबसे ज्यादा लाभ न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) को हुआ है। उसके नेता जगमीत सिंह ने लंबे समय से जलवायु परिवर्तन रोकने को एक बड़ा मुद्दा बनाए रखा है। इसी का नतीजा है कि इस बार के चुनाव में उनकी पार्टी को जनमत सर्वेक्षणों में लगातार 20 फीसदी से ज्यादा वोट मिलने की संभावना जताई गई है।
जर्मनी में जलवायु परिवर्तन रोकना ग्रीन पार्टी का प्रमुख मुद्दा रहा है। इससे उसे पहले के चुनावों में ज्यादा लाभ मिलता दिखा है, लेकिन कनाडा की एनडीपी की तरह ही उसके भी अपने दम पर जीतने की संभावना नहीं है। लेकिन इसे उसकी कामयाबी समझा गया है कि बाकी दोनों प्रमुख पार्टियां- सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी और क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन- भी इस बार अपने घोषणापत्र में जलवायु परिवर्तन रोकने के उपायों को प्रमुखता देने पर मजबूर हुई हैं।
रिसर्च ग्रुप मोर इन कॉमन में सीनियर एसोसिएट जरमाइन गैगने ने सीएनएन से कहा- ‘पहले के चुनावों से अलग इस बार हमने देखा है कि जलवायु परिवर्तन जर्मनी में आरंभ से ही एक मुख्य मुद्दा बना हुआ है। सभी पार्टियों ने अपने प्रचार में इसे एक प्रमुख बिंदु बनाया है।’