तीन साल पहले चीन से सैकड़ों किलोमीटर दूर दक्षिण कोरिया के एक रिसोर्ट टापू जेजु भागे पेन (61) पीछा करने, परेशान करने, धमकियों भरे फोन और मेसेज मिलने की शिकायत करते हैं।
थाईलैंड में राजनीतिक शरण मांगने पहुंचे चीन के चर्च के पदाधिकारियों का ड्रैगन के जासूस पीछा कर रहे हैं। चर्च सदस्यों ने पत्रकारों से मिलकर यह शिकायत की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने देखा कि एक अनजान व्यक्ति अपने मोबाइन फोन से उनका वीडियो बना रहा था। सेकेंडों में उन्हें लगा कि चीन सरकार के सुरक्षा बल उनकी तलाश करते हुए आ पहुंचे हैं।
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पादरी पैन योनगुआंग ने कहा, राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। विचारधारा पर नियंत्रण के प्रयास हो रहे हैं। निर्वासित शेंझेन होली रिफोर्म्ड चर्च की कहानी यह बताने के लिए काफी है कि चीन सरकार धार्मिक विश्वास और नागरिकों पर अपनी सीमा के बाहर भी नियंत्रण करने के प्रयास बढ़ा रही है।
तीन साल पहले चीन से सैकड़ों किलोमीटर दूर दक्षिण कोरिया के एक रिसोर्ट टापू जेजु भागे पेन (61) पीछा करने, परेशान करने, धमकियों भरे फोन और मेसेज मिलने की शिकायत करते हैं। चीन में उनके रिश्तेदारों को थाने बुलाकर पूछताछ के साथ धमकाया जा रहा है। एक मामले में तो चीनी राजनयिकों ने नवजात को पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर उसे देशविहीन बना दिया।
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चर्च पदाधिकारियों के खिलाफ चीन सरकार के हथकंडे ठीक वैसे हैं, जैसे उईघरों और विदेशों में अन्य जातीय अल्पसंख्यकों, भ्रष्टाचार करके भागे लोगों के खिलाफ अपनाए जाते हैं, ताकि उन्हें चीन लौटने पर मजबूर किया जा सके। चीन में ईसाइयों को केवल उन चर्चों में प्रार्थना का अधिकार है, जिन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण वाले धार्मिक समूहों ने अनुमति दे रखी है। दशकों से अधिकारी स्वतंत्र और घरों में बने चर्चों को अनदेखा करते रहे हैं, जिनमें एक करोड़ से ज्यादा लोग प्रार्थना करते हैं। यह संख्या अधिकृत चर्चों में जाने वाले लोगों से भी ज्यादा है।