रिपोर्ट में इस बात पर भी सवाल उठाया गया है कि जब भी वायरस की जांच करने की बात आती है तो चीन पीछे हट जाता है। ऑस्ट्रेलियाई साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट रॉबर्ट पॉटर ने कहा कि कोरोना वायरस किसी चमगादड़ के मार्केट से नहीं फैल सकता। यह कहानी पूरी गलत है। चीनी शोध पत्र के अध्ययन के बाद उन्होंने कहा कि वह रिसर्च पेपर बिल्कुल सही है।
चीन की जांच में रुचि क्यों नहीं?
जेनिंग्स ने यह भी कहा कि यह शोध यह भी स्पष्ट करता है कि चीन कोविड-19 की उत्पत्ति की बाहरी एजेंसियों से जांच में रुचि क्यों नहीं है। यदि यह किसी बाजार से फैलने का मामला होता तो चीन जांच में सहयोग करता।
बता दें कि चीन के वुहान में कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए गए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अब तक कोई ठोस रिपोर्ट पेश नहीं की है। पश्चिम देशों ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर डब्ल्यूएचओ के रवैए पर भी सवाल उठाए हैं।
पिछले साल तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कई बार सार्वजनिक तौर पर कोरोना को 'चीनी वायरस' करार दिया था। ट्रंप ने कहा था-यह चीन की लैब में तैयार किया गया और इसकी वजह से दुनिया का हेल्थ सेक्टर तबाह हो रहा है। कई देशों की इकोनॉमी इसे संभाल नहीं पाएंगी। उन्होंने यहां तक कहा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पास इसके सबूत हैं और वक्त आने पर ये दुनिया के सामने रखेंगे।
बता दें, कोविड-19 महामारी कोरोना वायरस यानी 'सार्स कोव-2' दिसंबर 2019 में चीन के वुहान से फैलना शुरू हुई थी। कोरोना वायरस वायरस का बड़ा समूह या परिवार है। ये मनुष्य में सामान्य सर्दी खांसी से लेकर गंभीर श्वसन रोग यानी सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) तक पैदा करते हैं। संक्रमण बहुत ज्यादा फैलने पर मरीज की मौत हो जाती है।
विश्व में अब तक कोविड-19 से 15.70 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं और 32.80 लाख मौतें हो चुकी हैं। रोज दुनियाभर में मामले बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को दुनिया में 7.83 लाख नए केस आए। इस दौरान 13,022 लोगों की मौत हुई।
भारत व ब्राजील में कहर
कोरोना का कहर सबसे ज्यादा भारत और ब्राजील में देखा जा रहा है। शनिवार को दुनिया में हुई कुल मौतों के 47 प्रतिशत मामले भारत और ब्राजील में रिकॉर्ड किए गए। भारत में 4,133 और ब्राजील में 2,091 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो गई।