चीन ने बीते कई वर्षों में स्थानीय स्तर पर संघर्षों को बढ़ावा देने के बाद अब नए सिद्धांत पर काम शुरू कर दिया है। यह सिद्धांत है- ताकतवर दुश्मनों और विरोधियों के खिलाफ युद्ध जीतना। चीन के एक शीर्ष रक्षा अधिकारी ने कहा है कि स्थानीय युद्ध जीतने के अपने दशकों पुराने सिद्धांत से हटकर चीनी सेना अब मजबूत दुश्मनों के खिलाफ युद्ध जीतने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चीन को अमेरिका समेत कई अलग-अलग मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य मियाओ हुआ ने कहा, ‘‘नई यात्रा में, हमें ताकतवर दुश्मनों और विरोधियों को हराने के लिए क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना को देश की संप्रभुता और विकास हितों की रक्षा के लिए अपनी रणनीतिक क्षमता में सुधार करने का भी निर्देश दिया है। माओत्से तुंग युग के बाद देश का पुनर्निर्माण करने वाले शीर्ष नेता और आधुनिक चीन के वास्तुकार के रूप में जाने जाने वाले डेंग शाओपिंग की 120वीं जयंती के दौरान जिनपिंग ने न केवल सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और देश के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की, बल्कि आधुनिक सेना तैयार करने के उनके दृष्टिकोण के बारे में भी बताया।
उन्होंने यह भी याद किया कि डेंग शाओपिंग ने चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को एक मजबूत, आधुनिक, संगठित बल बनाने और कम पर बेहतर सैनिक रखने की जरूरत पर जोर दिया था।
पीएलए के कमांडर-इन-चीफ शी जिनपिंग ने गुरुवार को अपनी सेना को अपनी कूटनीतिक क्षमता को बेहतर कर स्वायत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने का भी संदेश दिया। खासतौर पर पीएलए की सालगिरह मनाने के दौरान मियाओ हुआ, जो कि चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य भी हैं, ने कहा, "इस नई यात्रा में हमें मजबूत दुश्मनों और विरोधियों को हराने की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"