ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकारी अभी इस बारे में अनजान हैं कि क्या संक्रमण छोटे शहरों तक फैल चुका है। कई संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द हालात पर काबू नहीं पाया गया, तो देश को व्यापक महामारी का नजारा देखना पड़ सकता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक अधिकारी ने रविवार को कहा- ‘अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि मौजूदा महामारी में गिरावट के लक्षण कब देखने को मिलेंगे। फिलहाल तो संक्रमण ज्यादा से ज्यादा जगहों पर फैल रहा है।’
पिकिंग यूनिवर्सिटी से संबंधित फर्स्ट हॉस्पिटल में सांस संबंधी रोगों के विशेषज्ञ वांग गुआंगफा ने ग्लोबल टाइम्स से कहा- ज्यादातर जगहों पर महामारी अभी अपने शुरुआती दौर में है। ग्लांगझाऊ, शेनझेन और रुइली में डेल्टा वैरिएंट से निपटने के अपने अनुभवों के आधार पर हम जानते हैं कि ये वैरिएंट बेहद संक्रामक है। यह बहुत तेजी से फैलता है। पहले सख्त प्रतिबंध लागू करके इस पर काबू पाया गया था। उन्होंने कहा- ‘मेरी राय है कि संपूर्ण प्रयास झोंक कर, अपने पूर्व अनुभव का इस्तेमाल करते हुए, और जन चेतना बढ़ाने के उपाय करते हुए हम आखिरकार मौजूदा महामारी पर काबू पा लेंगे।’
देश के कई हिस्सों में सख्त प्रतिबंध लागू किए जा चुके हैं। कई शहरों में हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि 2019 में जब महामारी आई, तो चीन सख्ती ने उससे निपटने का वुहान मॉडल पेश किया था। उसे दुनियाभर के देशों ने अपनाया। लेकिन अब चीन की अपनी कामयाबी खतरे में पड़ती दिख रही है।