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कोरोना वायरस: डेल्टा वैरिएंट ले रहा है चीन के दावों की कड़ी परीक्षा, बूस्टर डोज देने की तैयारी

Mon, 02 Aug 2021 04:07 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

अब चीनी विशेषज्ञ टीका लगवा चुके लोगों को एक और टीके का बूस्टर डोज देने पर विचार कर रहे हैं। चीन के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ ली लानजुआन ने रविवार को कहा कि उनकी अनुसंधान टीम डेल्टा वैरिएंट को ध्यान में रख कर बूस्टर डोज तैयार करने पर काम कर रही है...
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चीन में कोरोना वायरस - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट का कहर चीन पर भी टूट चुका है। इससे चीन के इस दावे के लिए कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि उसने कोरोना महामारी पर बाकी देशों की तुलना में बेहतर ढंग से काबू पा लिया था। अब देशभर में संक्रमण फैलने का नया खतरा पैदा हो चुका है। खुद चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में कहा है- कई लोगों को इस बात पर शक है कि पिछले साल जिन सख्त निवारक उपायों को अपनाया गया था, वे इस बार कामयाब होंगे।

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चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों और संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने रविवार को कहा कि पिछले साल वुहान शहर में महामारी की शुरुआत होने के बाद की सबसे गंभीर चुनौती अब खड़ी हुई है। चीन उन देशों में है, जहां आबादी के ज्यादातर हिस्से को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद फैल रहे संक्रमण के कारण अब चीनी विशेषज्ञ टीका लगवा चुके लोगों को एक और टीके का बूस्टर डोज देने पर विचार कर रहे हैं। चीन के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ ली लानजुआन ने रविवार को कहा कि उनकी अनुसंधान टीम डेल्टा वैरिएंट को ध्यान में रख कर बूस्टर डोज तैयार करने पर काम कर रही है।

जुलाई में चीन में घरेलू स्रोत से संक्रमित हुए 320 मामले सामने आए। डेल्टा वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले देश के कम से कम 18 राज्यों में सामने आ चुके हैं। इस कारण चार इलाकों को उच्च खतरे वाला और 91 इलाकों को मध्यम खतरे वाला घोषित किया गया है। डेल्टा वैरिएंट के कारण संक्रमण की नई लहर की शुरुआत पूर्वी चीन में स्थित जियाग्सु प्रांत के नानजिंग शहर से हुई। उसके बाद बीजिंग सहित देश के कई इलाकों से संक्रमण के नए मामलों की खबरें आईं।

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ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकारी अभी इस बारे में अनजान हैं कि क्या संक्रमण छोटे शहरों तक फैल चुका है। कई संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द हालात पर काबू नहीं पाया गया, तो देश को व्यापक महामारी का नजारा देखना पड़ सकता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक अधिकारी ने रविवार को कहा- ‘अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि मौजूदा महामारी में गिरावट के लक्षण कब देखने को मिलेंगे। फिलहाल तो संक्रमण ज्यादा से ज्यादा जगहों पर फैल रहा है।’

पिकिंग यूनिवर्सिटी से संबंधित फर्स्ट हॉस्पिटल में सांस संबंधी रोगों के विशेषज्ञ वांग गुआंगफा ने ग्लोबल टाइम्स से कहा- ज्यादातर जगहों पर महामारी अभी अपने शुरुआती दौर में है। ग्लांगझाऊ, शेनझेन और रुइली में डेल्टा वैरिएंट से निपटने के अपने अनुभवों के आधार पर हम जानते हैं कि ये वैरिएंट बेहद संक्रामक है। यह बहुत तेजी से फैलता है। पहले सख्त प्रतिबंध लागू करके इस पर काबू पाया गया था। उन्होंने कहा- ‘मेरी राय है कि संपूर्ण प्रयास झोंक कर, अपने पूर्व अनुभव का इस्तेमाल करते हुए, और जन चेतना बढ़ाने के उपाय करते हुए हम आखिरकार मौजूदा महामारी पर काबू पा लेंगे।’

देश के कई हिस्सों में सख्त प्रतिबंध लागू किए जा चुके हैं। कई शहरों में हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि 2019 में जब महामारी आई, तो चीन सख्ती ने उससे निपटने का वुहान मॉडल पेश किया था। उसे दुनियाभर के देशों ने अपनाया। लेकिन अब चीन की अपनी कामयाबी खतरे में पड़ती दिख रही है।
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