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चीन: टीका नहीं लगाने पर स्कूल, अस्पताल, मॉल समेत अन्य स्थानों पर प्रवेश पर रोक

Fri, 16 Jul 2021 06:27 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला रिसर्च टीम, बीजिंग

सार

  •  साल के अंत तक 64 फीसदी आबादी को टीका लगाने का लक्ष्य
  •  सख्ती का विरोध, पहले टीका स्वैच्छिक अब दबाव बनाया जा रहा
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कोरोना टीकाकरण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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चीन में कोरोना का टीका न लगवाने वाले लाखों लोगों के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है। चीन की सरकार का लक्ष्य 140 करोड़ की आबादी में से 64 फीसदी लोगों को साल के अंत तक टीका लगाना है। इसी को ध्यान में रखकर चीन के अलग-अलग प्रांतों और शहरों में सख्ती शुरू हो गई है। चीन में टीका न लगवाने वाले लोगों को सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल। जैसे अन्य स्थानों पर प्रवेश की इजाजत नहीं होगी।

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सार्वजनिक यातायात पर भी रोक
चीन के दक्षिणी प्रांत यूनान के चुक्सियांग शहर में आदेश जारी किया गया है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 23 जुलाई तक टीके की एक डोज लगवानी अनिवार्य होगी। एक महीने के भीतर दोनों डोज लग जानी चाहिए। जो टीका नहीं लगवाएगा उन्हें अस्पताल, स्कूल, नर्सिंग होम, पुस्तकालय, संग्रहालय, मॉल समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे लोग सावर्जनिक यातायात का भी लाभ नहीं उठा सकेंगे।

वायरस को रोकने में कोई समझौता नहीं
 बीजिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए हर संभव कोशिश होगी। इसमें कोई समझौता नहीं होगा। सरकार का कहना है कि इस तरह के कड़े नियम की बदौलत ही वायरस को चीन के शहरों और अन्य क्षेत्रों में पहुंचने से रोका जा सकता है। इसी तरह की सख्ती की बदौलत देश को इस वायरस से बचाया जा सकता है। इसमें लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
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वीबो पर लोगों ने जताया विरोध
चीन में ट्विटर की तरह इस्तेमाल होने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर टीका नहीं तो प्रतिबंध के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। चीन के एक नागरिक ने लिखा कि पहले सरकार ने कहा टीकाकरण स्वैच्छिक है लेकिन अब जबरदस्ती की जा रही है। इसी तरह एक दूसरे नागरिक ने कहा कि मैंने दोनों डोज लगवा ली है लेकिन इस तरह का नियम दुर्भाग्यपूर्ण और बेतुका है।


अमेरिका में डेमोक्रेट सांसदों की मांग, चीन में कोरोना की उत्पत्ति पर हो आयोग का गठन
अमेरिका में डेमोक्रेटिक सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस नेतृत्व से चीन में कोरोना की उत्पत्ति संबंधी जानकारी हासिल करने के लिए एक द्विदलीय आयोग के गठन की मांग की है। अमेरिका की ओर से यह बार-बार कहा जा रहा है कि वो पता लगाकर रहेगा कि कोरोना की उत्पत्ति कहां से हुई।

डेमोक्रेटिक ब्लू डॉग कोएलिशन के सदस्यों ने हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी (हाउस मेजॉरिटी लीडर) स्टेनी होयर (हाउस माइनॉरिटी लीडर) केविन मैकार्थी, (सीनेट मेजॉरिटी लीडर) चक शूमर (सीनेट माइनॉरिटी लीडर) मिच मैककोनेल को लिखे पत्र में कहा कि 9/11 हमले के बाद जैसे द्विदलीय आयोग का गठन किया गया था, उसी तरह के एक आयोग का गठन किया जाए।

डेमोक्रेटिक ब्लू डॉग गठबंधन पत्र में लिखा, हम आपको कोरोना महामारी पर एक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना करने वाले कानून के पारित होने के लिए हमारे मजबूत समर्थन को व्यक्त करने के लिए लिख रहे हैं, जो 2002 के कानून पर आधारित है। 

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