ताइवान से विवाद के बीच अमेरिकी युद्धपोतों का सामना करने के लिए चीन अपना रहा नई तकनीक।
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चीन ने अपनी मिसाइलों की टारगेट प्रैक्टिस के लिए अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर्स की नकल तैयार की हैं। बताया गया है कि चीन ने अमेरिका से किसी टकराव की स्थिति में निपटने के लिए अभ्यास के तौर पर इन नकलों का इस्तेमाल शुरू किया है। चीन और अमेरिका इस वक्त ताइवान के मुद्दे पर आपस में उलझे हैं और मौजूदा समय में दक्षिण चीन सागर को लेकर भी दोनों के बीच जबरदस्त तनाव है।
चीन की ओर से टारगेट प्रैक्टिस के लिए अमेरिकी एयरक्राफ्ट्स की नकल के इस्तेमाल का खुलासा कुछ सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए हुआ। इन फोटोज को अमेरिका के कोलाराडो स्थित मक्सर टेक्नोलॉजीज ने जारी किया है। इनमें साफ तौर पर दिख रहा है कि शिनजियांग प्रांत के तकलामकन में एक रेलवे ट्रैक पर एयरक्राफ्ट कैरियर खड़ा है, जो कि बिल्कुल अमेरिकी युद्धपोत की नकल है। इसके अलावा एक और पोत को भी इसी लोकेशन पर देखा जा सकता है।
यूएन नेवल इंस्टीट्यूट की वेबसाइट के मुताबिक, अमेरिकी शिप्स की नकल को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की तरफ से नई टारगेट रेंज के निर्माण कार्य के दौरान तैयार किया गया है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि जो नकलें तैयार की गई हैं, उनमें किस तरह के हथियार और तकनीक इस्तेमाल की गई हैं। चीन लगातार अपनी तीनों सेना के आधुनिकीकरण में जुटा है, ताकि दक्षिण-पूर्व चीन सागर और हिंद-प्रशांत महासागर में वह अमेरिका, जापान और भारत के मुकाबले में खड़ा हो सके।