भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शी जिनपिंग का एक्शन जारी
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बीजिंग में गुरुवार को हुई कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति की शीर्ष स्तरीय बैठक के दौरान इन नेताओं को हटाने का फैसला लिया गया। जिसमें विदेश मंत्री किन गैंग, पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और दो अन्य शीर्ष जनरल शामिल है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के तीसरे पूर्ण अधिवेशन नाम के चार दिवसीय सत्र के अंत में जारी सूचना के अनुसार अर्थव्यवस्था में सुधार के उपायों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई केंद्रीय समिति ने कॉमरेड किन गैंग का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
2023 से गायब हैं पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग
बता दें कि 58 वर्षीय किन गैंग 2023 में अचानक सार्वजनिक रूप से गायब हो गए, इससे पहले वे चीन में सबसे कम समय तक विदेश मंत्री पद रहे। जिसके बाद सरकार में उनके बाकी सभी पदों को छीन लिया गया। फिलहाल उनको हटाए जाने का कारण अभी भी पता नहीं चल पाया है और वो कहां हैं, इसका भी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए, केंद्रीय समिति ने किन गैंग को अभी भी कॉमरेड के रूप में संबोधि किया। इसके बाद किन गैंग की जगह उनके पूर्वाधिकारी वांग यी को नियुक्त किया गया, जो पार्टी के उच्चस्तरीय पोलित ब्यूरो के सदस्य भी हैं।
पीएलए के दो वरिष्ठ सदस्यों पर भी गिरी गाज
इससे पहले, किन गैंग को राज्य पार्षद के पद से हटा दिया गया था और उन्हें चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के सदस्य के रूप में इस्तीफा देने की अनुमति दी गई थी। वहीं तीसरी पूर्ण बैठक में पोलित ब्यूरो के जनरल ली शांगफू और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दो अन्य वरिष्ठ जनरलों ली युचाओ और सन जिनमिंग को पार्टी से निष्कासित करने के पहले के फैसले की भी पुष्टि की गई।
ली शांगफू पर कथित भ्रष्टाचार के लिए चल रहा मुकदम
जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री बनने से पहले देश के रॉकेट (मिसाइल) बल का नेतृत्व करने वाले ली शांगफू पर कथित भ्रष्टाचार के लिए मुकदमा चल रहा था। वहीं रॉकेट बल का हिस्सा रहे ली युचाओ को भी ली शांफू के साथ बर्खास्त कर दिया गया। इस बैठक में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के लिए पीएलए के एक अन्य शीर्ष जनरल जनरल सन जिनमिंग के पार्टी से निकाले जाने के फैसले का भी समर्थन किया गया है।
2012 से अब तक 50 से ज्यादा लोगों पर एक्शन
आधिकारिक मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उनके निष्कासन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तरफ से सेना से भ्रष्ट तत्वों को हटाने के लिए चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की कार्रवाई को उजागर किया है। बता दें कि शी जिनपिंग सीपीसी के महासचिव भी हैं। साल 2012 में शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से अब तक कई रैंक के 50 से अधिक सैन्य अधिकारियों को हटाया या दंडित किया जा चुका है।