चीन तेजी से बढ़ा रहा परमाणु भंडार
दुनियाभर में हथियारों की दौड़ पर निगाह रखने वाली स्वीडन के थिंक टैंक सिपरी निदेशक डैन स्मिथ ने सोमवार को जारी SIPRI ईयरबुक 2024 में बताया है कि दुनिया भर में हर साल सक्रिय परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ रही है, जिसमें सबसे तेजी से बढ़ रहा भंडार चीन का है। संस्थान ने भविष्यवाणी की है कि 2030 तक चीन के ऑपरेशनल अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या अमेरिकी और रूस के बराबर हो सकती है। डैन स्मिथ के मुताबिक दुनियाभर में ऑपरेशनल परमाणु हथियारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जबकि शीत युद्ध के दौर के हथियारों को धीरे-धीरे खत्म किए जाने के कारण वैश्विक परमाणु हथियारों की कुल संख्या में गिरावट जारी है, लेकिन अफसोस की बात है कि हम ऑपरेशनल परमाणु हथियारों की संख्या में साल-दर-साल बढ़ोतरी देख रहे हैं। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि यह प्रवृत्ति जारी रहेगी और आने वाले वर्षों में इसमें शायद और बढ़ोतरी हो और यह अत्यंत चिंताजनक है।"
चीन के पास 500 परमाणु हथियार
रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी तक चीन के परमाणु भंडार में पिछले साल के मुकाबले 410 से बढ़कर 500 परमाणु हथियार हो गए हैं। SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में लगभग 2,100 तैनात परमाणु हथियार “हाई ऑपरेशनल अलर्ट” पर हैं, जिनमें से अधिकांश रूस और अमेरिका के हैं। पहली बार ऐसा माना जा रहा है कि चीन ने भी शांति काल के दौरान मिसाइलों पर अपने कुछ हथियार अलर्ट पर रखे हैं। चीन ने पिछले एक साल में 90 नए परमाणु बम बनाए हैं। SIPRI के निष्कर्ष अमेरिकी पेंटागन द्वारा कांग्रेस को दी गई रिपोर्ट से मेल खाते हैं, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि चीन के पास वर्तमान में 500 से अधिक ऑपरेशनल परमाणु हथियार हैं, जो संभवतः जिनकी संख्या इस दशक के अंत तक 1,000 से ऊपर पहुंच सकती है। वहीं कभी लगभग 200 वॉरहेड्स रखने वाले चीन के पास 2027 तक 700 से अधिक वॉरहेड्स हो सकते हैं।
भारत के पास 172 परमाणु बम
वहीं रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के पास मौजूद परमाणु हथियारों की सख्या का भी खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास 172 परमाणु बम मौजूद हैं। वहीं पाकिस्तान के पास यह संख्या फिलाहल 170 परमाणु बमों की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने पिछले एक साल में 8 नए परमाणु बम बनाए हैं। वहीं पाकिस्तान ने पिछले एक साल में कोई नया परमाणु बम नहीं बनाया है।
दुनियाभर में लगभग 12,121 परमाणु हथियार
रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्माणाधीन परमाणु हथियारों की संख्या भी बढ़ रही है। जनवरी में दुनियाभर में लगभग 12,121 परमाणु हथियारों में से लगभग 9,585 संभावित उपयोग के लिए सैन्य भंडार का हिस्सा थे। इनमें से लगभग 3,904 परमाणु हथियार मिसाइलों और विमानों पर लगाए गए थे, जो पिछले साल इसी माह के दौरान संख्या में 60 ज्यादा थे। रिपोर्ट के अनुसार, बाकी हथियार सेंट्रलाइज्ड स्टोरेज फैसिलिटी में रखे गए थे।
रूस और अमेरिका के पास सबसे ज्यादा एटमी हथियार
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि परमाणु हथियारों से लैस दुनिया के 9 देशों (अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इस्राइल) ने अपने परमाणु आयुध शस्त्रागार को मॉर्डन बनाए रखने का सिलसिला जारी रखा और 2023 में कई नई परमाणु हथियार प्रणालियों को तैनात भी किया। रूस और अमेरिका के पास कुल एटमी हथियारों का करीब 90 फीसदी हिस्सा है। उनके संबंधित सैन्य भंडार का आकार 2023 में अपेक्षाकृत स्थिर रहा है। अनुमान जताया जा रहा है कि रूस ने जनवरी 2023 की तुलना में इस साल करीब 36 और ऑपरेशनल वारहेड्स की तैनाती की है।