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चीन का दावा: अमेरिका ने 2000 से ज्यादा जासूसी अभियान चलाए, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका

Thu, 28 Oct 2021 08:12 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

चीन की सेना के एक अनुसंधानकर्ता ने दावा किया है कि अमेरिका ने चीन के खिलाफ दो हजार से अधिक जासूसी अभियानों चलाए हैं और इस तरह की घटनाएं देश की संप्रभुता के लिए खतरा हैं।
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चीन अमेरिका - फोटो : फाइल
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विस्तार
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चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के शोधकर्ता काओ यानझोंग ने सेना के एक सालाना सम्मेलन में कहा कि अमेरिका के युद्धपोतों और विमानों ने इस साल चीन के खिलाफ दो हजार से ज्यादा जासूसी अभियान संचालित किए। उन्होंने दावा किया कि इन अभियानों के तहत चीन के नियंत्रण में आने वाले द्वीपों और दक्षिण चीन सादर में चट्टानों के साथ चीन के तटीय इलाकों को भी निशाना बनाया गया। काओ पीएलए की सैन्य विज्ञान अकादमी में शोधकर्ता हैं। अमेरिका और चीन के बीच संबंध इस समय सबसे कमजोर स्थिति में हैं। 

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काओ ने 10वें शियांगशान फोरम के पैनल को बताया कि बार-बार होने वाली इस तरह की करीबी जासूसी से चीन की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न होता है और क्षेत्रीय तनाव में भी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों से सशस्त्र संघर्ष का जोखिम भी बढ़ सकता है। अमेरिका और चीन, इस समय कारोबार समेत अनेक मुद्दों पर विवाद में उलझे हैं। विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख और हांगकांग, तिब्बत व शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के मामले को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने गुरुवार को साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि काओ ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी काम यह है कि गोली चलने की नौबत न आए इसके लिए अमेरिका तुरंत जासूसी करना बंद कर दे। इस महीने की शुरुआत में, चीन ने दक्षिण चीन सागर में एक अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी के क्षतिग्रस्त होने की खबरों पर चिंता व्यक्त की थी और अमेरिका से इस घटना के विवरण और जगह की जानकारी देने की मांग की थी। चीन, पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है। 

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