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‘अपने लाल को कभी गले नहीं लगा सकता’: हादसे में मां-बाप-बेटे को खोने वाले पिता का दर्द, कहा- मेरे पास शब्द नहीं

Mon, 06 May 2024 07:54 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो

सार

गोकुलनाथ ने बताया कि मेरे माता-पिता दो दिन पहले ही चेन्नई से यहां आए थे। मेरे पिता हाल ही में रिटायर हुए थे। अपने पोते के साथ खेलने के लिए वे काफी उत्सुक थे। उन्होंने हंसी-मजाक में 2024 को दादा-दादी की मौज-मस्ती का साल कहा था। मेरी मां बहुत खुश थी कि वह अपने पोते और बेटे के साथ एक साथ समय बिताएंगी। 

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सड़क हादसा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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हम अपने तीन माह के बेटे को अब कभी गले नहीं लगा सकते हैं। हमारे जहन में सिर्फ उसी की बातें चलती रहती हैं। पूरे घर में सिर्फ उसके खिलौने और कपड़े बिखरे हुए हैं। मेरे अंदर इतनी हिम्मत भी नहीं है कि मैं उस घर में घुस जाऊं क्योंकि पूरा घर इकलौते बेटे की यादों से भरा हुआ है। अपने दुख को बताने के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं बचें….यह कहना है उस पिता का, जिसने पिछले सप्ताह एक सड़क हादसे में अपने माता-पिता और इकलौते बेटे को खो दिया।

पहले जानिए, क्या है पूरा मामला

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मामला कनाडा का है। दरअसल, पिछले सोमवार को ओन्टारियो के बोमनविले में एक कथित शराब की दुकान में डकैती हो गई थी। पुलिस आरोपी का पीछा कर रही थी। आरोपी गलत दिशा में गाड़ी भगा रहा था। इस दौरान टोरंटो से लगभग 50 किलोमीटर दूर व्हिटबी में राजमार्ग 401 पर आरोपियों की गाड़ी सामने से आ रहे गोकुलनाथ मणिवन्नन के परिवार से टकरा गई। हादसे में गोकुलनाथ के अलावा, सिर्फ उनकी पत्नी अश्विता जवाहर ही बच पाईं। हालांकि, अश्विता गंभीर घायल है। पुलिस का कहना है कि डकैती का संदिग्ध आरोपी 21 साल का था, जो मारा गया। हादसे के बारे में गोकलुनाथ का कहना है कि हादसे की अमिट छाप जिंदगी भर के लिए उनके दिलों-दिमाग पर छप गई है। 

माता-पिता दो दिन पहले ही चेन्नई से यहां आए थे
मीडिया को दिए गए एक बयान में गोकुलनाथ ने कहा कि हमारे पास अपने दिल का हाल बताने के लिए शब्द नहीं है। मैं अब अपने इकलौते बेटे आदित्य को कभी गले से नहीं लगा सकता, यह सुनकर ही दिल कांप उठता है। पूरा घर उसके खिलौनों और कपड़ों भरा हुआ है। मेरे अंदर इतनी हिम्मत भी नहीं कि मैं उस घर में जाऊं। पूरा घर उसकी यादों से भरा हुआ है। मेरे माता-पिता हादसे से दो दिन पहले ही चेन्नई से यहां आए थे।

मेरी मां बहुत खुश थीं

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गोकुलनाथ ने आगे बताया कि मेरे पिता हाल ही में रिटायर हुए थे। अपने पोते के साथ खेलने के लिए वे काफी उत्सुक थे। उन्होंने हंसी-मजाक में 2024 को दादा-दादी की मौज-मस्ती का साल कहा था। मेरी मां बहुत खुश थी कि वह अपने पोते और बेटे के साथ एक साथ समय बिताएंगी। 

 

 

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