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Britain: ऋषि सुनक बोले- अवैध आप्रवासन के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कानून पेश, पढ़ें पूरी खबर

Sat, 09 Dec 2023 07:44 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

सुनक ने कहा कि भले ही मैं एक प्रवासी का बेटा हूं लेकिन मेरे माता-पिता कानूनी रूप से ब्रिटेन आए थे। अप्रवासियों के बच्चे के रूप में मैं समझ सकता हूं कि लोग यहां क्यों आना चाहते हैं।
 
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Rishi Sunak - फोटो : twitter/@Conservatives
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विस्तार
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ब्रिटेन में आप्रवासन एक बहुत बडी समस्या बनती जा रही है। इसे रोकने के लिए सरकार भी कई फैसले ले रही है। इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि हम अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए कड़े फैसले ले रहे हैं। अवैध प्रवास समाप्त होना चाहिए।  
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि हमारा नया विधेयक अब तक का सबसे सख्त अवैध आव्रजन विरोधी कानून है। इस विधेयक के कारण देश में आने वाले लोगों को संसद नियंत्रित करेगी, न कि आपराधिक गिरोह या कोई विदेशी अदालतें। सुनक ने कहा कि भले ही मैं एक प्रवासी का बेटा हूं लेकिन मेरे माता-पिता कानूनी रूप से ब्रिटेन आए थे। हमारे यहां आपराधिक गिरोह कमजोर लोगों को प्रताड़ित नहीं कर सकते। अप्रवासियों के बच्चे के रूप में मैं समझ सकता हूं कि लोग यहां क्यों आना चाहते हैं।

यह है नया कानून
हाल ही में, ब्रिटेन के गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया था कि नए नियमों के तहत स्वास्थ्य वीजा पर ब्रिटेन आने वाले डॉक्टर अब अपने परिवार के किसी भी सदस्य को अपने साथ नहीं ला सकते हैं। इसके अलावा, कुशल श्रमिक वीजा पॉलिस के तहत आवेदकों के लिए वर्तमान सीमा जीबीपी 26,200 को बढ़ाकर जीबीपी 38,700 कर दिया गया है। वहीं, पारिवारिक वीजा श्रेणी के तहत आवेदन करने वालों को जीबीपी 18,600 है। आव्रजन नीति निष्पक्ष, सुसंगत, कानूनी और टिकाऊ होनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि छात्रों के आश्रितों पर रोक लगाने के कारण 3,00,000 कम लोग ब्रिटेन आएंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का कहना है कि आव्रजन दर को कम करने की पॉलिसी कड़ी कार्रवाई है। आप्रवासन नीति से ब्रिटेन को लाभ होगा। 
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ब्रिटेन के वीजा आवेदकों में सबसे अधिक भारतीय
ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, ब्रिटेन में दूसरे देशों से आने वाले डॉक्टर, पेशेवरों, कुशल श्रमिकों और विदेशी छात्रों में सबसे अधिक दबदबा भारत का है। स्वास्थ्य वीजा के लिए भारतीय आवेदकों की संख्या में 76 फीसदी की बढ़त हुई है। कुशल श्रमिकों की संख्या में 11 प्रतिशत की मामूली गिरावट हुई है। छात्र वीजा के आवेदकों में 43 फीसदी भारतीय हैं।
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