अपने सैनिकों की अफगानिस्तान से सकुशल वापसी के बाद ब्रिटेन की सरकार ने सोमवार को कहा कि वह तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान में समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयास जारी रखेगी। इसके लिए उसने कई राजनयिक कोशिशें शुरू करने की योजना भी बनाई है।
विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) में राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब कतर, तुर्की, जी-7 के सहयोगी देशों और नाटो के साथ सोमवार को हो रही बैठक में हिस्सा लेंगे।
अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिका की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राब ब्रिटेन की चार अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकता पर जोर देंगे। ये हैं, अफगानिस्तान को आतंकियों की पनाहगाह बनने से रोकना, मानवीय दुर्दशा का समाधान, क्षेत्रीय स्थिरता को सुरक्षित रखना और तालिबान को मानवाधिकारों के लिए जवाबदेह बनाना।
वह इस पर भी जोर देंगे कि तालिबान विदेशी नागरिकों एवं अन्य देशों में जाने के अधिकृत अफगानों को ‘सुरक्षित रास्ता’ देने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहे।
अमेरिकी मालवाहक विमानों ने उड़ान जारी रखी
अमेरिकी सैन्य मालवाहक विमानों ने रविवार और सोमवार को हवाईअड्डे से उड़ान जारी रखी है। सूत्रों का कहना है कि रॉकेट हमले के बाद विमानों ने हवाईअड्डे से उड़ान और लैंडिंग जारी रखी। विमान सोमवार सुबह हर 20 मिनट में उड़ान भरते रहे।
तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद विदेशी और अफगान नागरिकों के लिए देश से निकलने यही एक प्रमुख रास्ता है। हालांकि अमेरिका के सहयोगी देशों ने अपना निकासी अभियान बंद कर दिया है और अब सिर्फ अमेरिकी सैनिक ही हवाईअड्डे पर हैं।
आईएसआईएस-के खिलाफ हमले जारी रखेगा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलीवन ने एलान किया है कि तालिबान 31 अगस्त के बाद भी लोगों को अफगानिस्तान छोड़कर जाने देगा। तालिबान ने इसका वादा किया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अब सिर्फ 300 अमेरिकी हैं। ये जल्द से जल्द बाहर निकलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका काबुल हवाईअड्डे पर धमाका करने वाले आतंकी समूह आईएसआईएस-के के खिलाफ ड्रोन हमले और दूसरे अभियान जारी रखेगा।
तालिबान ने की अमेरिकी हमले की निंदा : चीनी मीडिया
चीन के सरकारी टेलीविजन सीजीटीएन के अनुसार, तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने रविवार को काबुल में एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले की निंदा की है।
उन्होंने विदेशी सरजमीं पर अमेरिकी कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में कोई भी संभावित खतरा होने पर उसे पहले जानकारी देनी चाहिए न कि मनमाने ढंग से हमला करना चाहिए जिसके चलते लोगों की जान जाए।