ब्रिटेन में खाद्य संकट
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ब्रिटेन में आम लोगों की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। लोग महंगाई से पहले ही परेशान थे कि अब देश में खाद्य संकट हो गया। हालात यहां तक आ गए हैं कि देश के सबसे बड़े सुपरमार्केट, टेस्को, एस्डा, एल्डि और मॉरिसन ने कुछ फलों और सब्जियों की बिक्री सीमित कर दी है। गुरुवार को एक बयान में कहा गया कि कमी की यह स्थिति एक महीने तक बनी रह सकती है।
आइये जानते हैं ब्रिटेन में खाद्य संकट क्या है? फल-सब्जी के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों का भी संकट है क्या? इसकी वजह क्या है? सरकार क्या कर रही है? इस संकट से कैसे उबरेगा ब्रिटेन?
ब्रिटेन में आवश्यक वस्तुओं की हुई कमी
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खाद्य संकट क्या है?
महंगाई की मार झेल रहे ब्रिटेन में लोगों को अब खाद्य संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां के सबसे बड़े सुपरमार्केट, टेस्को और डिस्काउंटर एल्डि द्वारा जारी किए गए बयानों के मुताबिक, वो प्रत्येक ग्राहक को मात्र तीन टमाटर, मिर्च और खीरे की बिक्री पर कर पाएंगे।
Asda ने टमाटर, मिर्च और खीरे, सलाद पत्ते बैग, ब्रोकली, फूलगोभी आदि की बिक्री प्रति ग्राहक तीन कर दी है। Asda के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमने कुछ फलों और सब्जियों में प्रत्येक उत्पाद की तीन की एक अस्थायी सीमा तय की है, ताकि ग्राहक उन उत्पादों को खरीद सकें, जिनकी उन्हें जरूरत है।"
वहीं, मॉरिसन ने खीरे, टमाटर, सलाद पत्ते और मिर्च पर दो की सीमा तय की है। अन्य प्रमुख यूके सुपरमार्केट भी कमी की चपेट में आ गए हैं, लेकिन अभी तक ग्राहकों के लिए सीमाएं नहीं तय की हैं।
अंडे
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फल सब्जी के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों का भी संकट है क्या?
जानकारी के मुताबिक, खीरे, टमाटर और सलाद पत्ते सहित सलाद पत्ते की फसलें फिलहाल सबसे अधिक प्रभावित हैं। बैंगन और नींबू की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ब्रिटेन में पाले ने सबसे ज्यादा गोभी और फूलगोभी के उत्पादन को नुकसान पहुंचाया है।
लोग अंडे की कमी का भी सामना कर रहे हैं। उत्पादकों को बढ़ती लागत और ब्रिटेन में एवियन इन्फ्लूएंजा के सबसे खराब प्रकोप के कारण अण्डों में कमी आई है। नेशनल फार्मर्स यूनियन (एनएफयू) का दावा है कि ब्रिटेन के अंडे का उत्पादन नौ वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। वहीं, यूके के अंडे पैक करने वालों ने 2019 की तुलना में 2022 में लगभग 1 बिलियन कम अंडे पैक किए। देश में आपूर्ति में कमी के कारण सेन्सबरी पिछले साल के अंत से इटली से अंडे आयात कर रहा है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
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संकट की वजह क्या है?
यूके सरकार ने कहा है कि संकट काफी हद तक यूरोप और अफ्रीका में खराब मौसम के कारण हुआ है। व्यापार समूह ब्रिटिश रिटेल कंसोर्टियम (BRC) के मुताबिक, सर्दियों के महीनों में ब्रिटेन अपने टमाटर का लगभग 95 फीसदी और इसके सलाद पत्ते का 90 फीसदी आयात करता है। इनमें से अधिकांश आयात स्पेन और उत्तरी अफ्रीका से किया जाता है। लेकिन दक्षिणी स्पेन असामान्य ठंडे मौसम से गुजर रहा है उधर मोरक्को में फसल की पैदावार बाढ़ से प्रभावित हुई है जबकि भयंकर तूफान के कारण खेप देरी से पहुंच रही हैं या कई तो रद्द हो गई हैं।
संकट की दूसरी सबसे बड़ी वजह ब्रिटेन और नीदरलैंड में ग्रीनहाउस में उगाई जाने वाली उपज पर अधिक बिजली की कीमतों को बताया जा रहा है। दरअसल, फरवरी-मार्च के महीने में ब्रिटेन को घरेलू उत्पादकों और नीदरलैंड से भी कुछ उत्पाद मिलते हैं। लेकिन दोनों देशों के किसानों ने बिजली की अधिक कीमतों के कारण सर्दियों की फसल उगाने के लिए ग्रीनहाउस के उपयोग को कम कर दिया है।
पर्यावरण मंत्री थेरेसी कॉफी, ब्रिटेन
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सरकार क्या कर रही है?
पर्यावरण मंत्री थेरेसी कॉफी ने कहा कि सुपरमार्केट यह सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ काम कर रहे हैं कि ग्राहकों के लिए पर्याप्त ताजा उपज उपलब्ध हो। उन्होंने कहा, 'यह महत्वपूर्ण है कि हम कोशिश करें और सुनिश्चित करें कि हमें वैकल्पिक सोर्सिंग विकल्प मिलें।'
मंत्री ने कहा कि उनका पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों का विभाग (डीईएफआरए) संकट से उबरने और भविष्य में इसी तरह की स्थितियों से बचने के लिए खुदरा विक्रेताओं के साथ चर्चा कर रहा है।
विपक्षी पार्टी ने सरकार को घेरा
विपक्षी लेबर पार्टी ने कुछ बुनियादी खाद्य पदार्थों की कमी पर वास्तविक चिंता जताई है। लेबर नेता जिम मैकमोहन ने कहा, 'भोजन की उपलब्धता के बारे में सार्वजनिक चिंता है और हमारी खाद्य सुरक्षा के लिए जिम्मेदार मंत्री और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखना राष्ट्रीय सुरक्षा है।'
कब तक जारी रह सकता है खाद्य संकट?
पर्यावरण मंत्री थेरेसी कॉफी ने संसद में एक सवाल के जवाब में हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया कि स्थिति अगले दो से चार सप्ताह तक जारी रह सकती है। वहीं, बीआरसी ने सुपरमार्केट को आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत मिलने तक कुछ हफ्तों तक संकट जारी रहने की बात कही है।
एनएफयू वार्षिक सम्मेलन
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संकट से उबरने के लिए क्या कर रही सरकार?
एनएफयू बिजली पर निर्भर किसानों को और अधिक सहायता देने की मांग कर रहा है। अपने वार्षिक सम्मेलन में, संगठन ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। इसने कहा कि ग्रीनहाउस वाले खाद्य उत्पादकों को बिजली बिलों के में सहायता नहीं दी गई है। उधर देश के कृषि मंत्री मार्क स्पेंसर ने सम्मेलन में बताया कि सरकार का वित्त और व्यापार विभाग इन योजनाओं की जांच कर रहा है।