भारत और इंग्लैंड के बीच संबंध काफी मधुर हैं। इस साल दोनों देशों में आम चुनाव होने वाले हैं। इस बीच इंग्लैंड की विपक्षी लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में भारत का दौरा दिया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने भारत के तीन शहरों का दौरा किया। लेबर पार्टी की शेडो उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनेर के साथ पिछले महीने नई दिल्ली, अहमदाबाद और आगरा के दौरे पर थीं। इस दौरान उनके साथ भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद नवेंदु मिश्रा और पार्षद विमल चोकसी भी शामिल हुए थे।
उप राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से की मुलाकात
लेबर पार्टी ने कहा कि यात्रा का आयोजन प्रवासी समूह लेबर कन्वेंशन ऑफ इंडिया ऑर्गेनाइजेशन (एलसीआईओ) द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रम और भारतीय व्यापार, विश्वास, समुदाय और राजनीतिक नेताओं के बीच संबंधों को मजबूत करना था। एलसीआईओ ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से मुलाकात की। बैठकों में प्रतिनिधिमंडल ने भारत के साथ व्यापार संबंधों को भविष्य के आर्थिक विकास के केंद्र में रखने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। रेनर और मिश्रा ने उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ भी बैठक की। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की।
साबरमती आश्रम बापू की याद दिलाती है
प्रतिनिधिमंडल ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के व्यापारिक नेताओं के साथ भी मुलाकात की। गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने पूरे भारत के व्यापारिक नेताओं के साथ मिलकर आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर प्रतिबद्धता जाहिर की। एलसीआईओ ने कहा कि साबरमती आश्रम महात्मा गांधी के जीवन की याद दिलाती है। भारत में हरित ऊर्जा का उत्पादन बड़े विस्तार का एक हिस्सा है, जिससे स्थिरता और आर्थिक उत्पादन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के अक्षरधाम, बंगला साहिब गुरुद्वारा, ताजमहल का दौरा किया। उन्होंने अहमदाबाद में बोहरा समुदाय के साथ बैठक भी की।
लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता ने भारत को बताया महाशाक्ति
बता दें, लेबर पार्टी ने हाल ही में ब्रिटिश भारतीयों से जुड़ने व भारत से संपर्क के लिए नए संगठन लेबर इंडियंस की शुरुआत की है। पार्टी के शैडो विदेश मंत्री डेविड लैमी ने भारत को महाशक्ति बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत के रणनीतिक महत्व को देखते हुए इस देश से रिश्ता दलगत राजनीति से परे है। लैमी ने लंदन में संसदीय परिसर में लेबर इंडियंस को लॉन्च कर कहा था कि भारत उद्यमशीलता, नवोन्वेष, वैज्ञानिक, औद्योगिक और जनसंख्या के आधार पर एक महाशक्ति है। उन्होंने कहा, बेशक, भारत के सामने अभी भी चुनौतियां हैं, लेकिन कोई संदेह नहीं कि इस भू-राजनीतिक दौर में ब्रिटेन को यह समझ लेना चाहिए कि भारत दुनिया की एक महाशक्ति है।