ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस
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अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते प्रभाव पर ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान ‘गृह युद्ध’ की तरफ बढ़ रहा है। क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ने के साथ आतंकवादी संगठन अल-कायदा संभवत: वापसी करेगा। वह फिर मजबूत होकर फिर सिर उठा सकता है।
वालेस अफगानिस्तान में बचे ब्रिटेन के बाकी सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए करीब 600 अतिरिक्त सैनिकों को भेजने के सरकार के फैसले के बारे में ब्रिटेन के मीडिया संस्थानों को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा, मुझे इस बात की चिंता है कि असफल देश इस तरह के लोगों के पनपने के केंद्र बन रहे हैं।
ब्रिटिश जिहादी भी पहुंचे तालिबान के समर्थन में
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटिश जिहादियों ने भी अफगानिस्तान में तालिबान के साथ हाथ मिला लिए हैं। द सन ने रिपोर्ट में कहा कि ब्रिटिश लहजे में अंग्रेजी बोलने वाले विद्रोही लड़ाकों की फोन कॉल ब्रिटिश एजेंसियों ने इंटरसेप्ट की हैं। ये जिहादी अमेरिका व ब्रिटेन के अफगानिस्तान से हटने की घोषणा के बाद पाक के जरिये अफगानिस्तान पहुंचे हैं।
हिंसा तत्काल रोकने की मांग
भारत, जर्मनी, कतर, तुर्की और कई अन्य देशों ने फिर से दोहराया है कि अफगानिस्तान में जबरन बंदूक के दम पर बनी किसी भी सरकार को वे मान्यता नहीं देंगे। सभी ने अफगानिस्तान में हिंसा और हमलों को तत्काल रोकने की अपील भी की है। दोहा में अफगानिस्तान पर दो अलग-अलग बैठकों के बाद शुक्रवार को कतर की तरफ से कहा गया कि देशों ने अफगान शांति प्रक्रिया को तत्काल तेज किए जाने की जरूरत बताई है।
यूएन, ईयू व नाटो भी नहीं देंगे मंजूरी
संयुक्त राष्ट्र (यूएन), यूरोपीय संघ (ईयू) व उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने भी शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि वे भी अफगानिस्तान में जबरन सैन्य संघर्ष के जरिये बनी सरकार को मंजूरी नहीं देंगे।