अमेरिका के अलग अलग विश्वविद्यालयों में फलस्तीन के समर्थन में चल रहे प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका को लोग प्रलय की भयावहता की अनदेखी कर रहे हैं। बाइडन ने साफ किया कि अमेरिका में किसी भी परिसर में या स्थान पर इस्राइल या यहूदी विरोधी भावना के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी संपत्ति को नष्ट करना शांतिपूर्ण विरोध नहीं बल्कि कानून के खिलाफ है।
राष्ट्रपति बाइडन ने याद दिलाई सात अक्तूबर की रात
बाइडन ने याद दिलाया कि 7 अक्टूबर की रात को हमास ने अचानक इस्राइल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 लोगों की मौत हो गई और 250 लोगों को बंधक बना लिया गया। इस्राइल के अधिकारियों का मानना है कि गाजा में लगभग 130 से अधिक लोग कैद में हैं और इनकी सटीक संख्या जानना मुश्किल है। इस्राइल ने भी गाजा पट्टी पर व्यापक कार्रवाई कर इन हमलों का जवाब दिया था। जिसके बाद एक रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा पट्टी पर इस्राइली हमलों में 34,789 फलस्तीनी मारे गए हैं। बाइडन ने कहा कि लोग भूल रहे हैं कि यह आतंक हमास ने फैलाया है।
अमेरिका में अलग-अलग विश्विद्यालयों में हो रहे प्रदर्शन
गाजा पर की गई इस्राइल की जवाबी कार्रवाई के बाद से अमेरिका के कई कॉलेज परिसर तनाव का केंद्र बन गए हैं। इसकी शुरुआत 18 अप्रैल को कोलंबिया विश्वविद्यालय से हुई। इसके बाद इसी तरह के प्रदर्शन न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, प्रिंसटन, एमर्सन कॉलेज और दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में भी देखने को मिले। बाइडन ने कहा ‘भले ही इस्राइल और हमास के संघर्ष को लेकर हम असहमत हों लेकिन इस्राइल और यहूदियों की सुरक्षा के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं।’