कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन ने पश्चिमी शियान शहर में लॉकडाउन लगा दिया है। वुहान में महामारी के शुरू होने के बाद से चीन का इस शहर को लेकर ये सबसे बड़ा कदम है। चीन का ये कदम बताता है कि दो साल पहले वुहान में सामने आए मामले के बाद वायरस को लेकर चीन का रुख कितना सख्त रहा है।
लोगों को घरों के भीतर ही रहने की हिदायत
शियान शहर की 1 करोड़ 30 लाख आबादी से घरों के भीतर ही रहने को कहा गया है और जरूरत का सामान लेने बाहर जाने के लिए एक ही व्यक्ति को नियुक्त करने का निर्देश दिया है। शहर से बाहर गैर-जरूरी यात्राओं पर पाबंदी लगा दी गई है। 14 जिलों में 127 लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है।
चीन में कोरोना वायरस के मामले ऐसे वक्त पर सामने आ रहे हैं जब फरवरी में विंटर ओलंपिक का आयोजन होना है। गर्मियों में कहर बरपाने के बाद डेल्टा का असर बेहद कम हो चुका है। लेकिन अब नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने चिंताएं बढ़ा दी हैं जो पुराने वायरस से बचाव के लिए लगे टीकों के लिए चुनौती पेश कर रहा है।
वाइस प्रीमियर बोले, किए जा रहे त्वरित उपाय
चीन के वाइस प्रीमियर सुन चुनलान ने लोगों से कहा है कि वायरस पर काबू पाने के लिए त्वरित उपाय किए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में से एक चुनलान ने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों की आवाजाही रोकने के लिए प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
चीन के शियान शहर में लागू किया गया लॉकडाउन हाल ही में चीन द्वारा उठाया गया बड़ा कदम है जिसने डेल्टा वायरस का मुकाबला करते हुए देश में वायरस के मामले शून्य पर ला दिए थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, शियान से दूसरी जगहों पर संक्रमण रोकने के लिए घरेलू उड़ानों पर भी पाबंदी लगाई है।
महामारी के दौरान अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर टेस्टिंग, आक्रामक कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सख्त लॉकडाउन के जरिए एक महीने में ही इस पर काबू पा लिया था। लेकिन अत्याधिक संक्रामक नया वायरस ओमिक्रॉन दुनिया में तेजी से पांव पसार रहा है और इसने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की चिंता को बढ़ा दिया है। अब से करीब दो महीने चीन में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया था। लेकिन शियान में आए नए मामलों के बाद चीन सतर्क हो गया है।