फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजशीर की जंग : एनआरएफ का दावा, हजारों तालिबानियों को घेरा, 200 आतंकियों ने किया सरेंडर

Sat, 04 Sep 2021 07:09 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, काबुल

सार

  • एनआरएफ ने मुठभेड़ में 450 तालिबानी मारे जाने का दावा किया है।
  • घेराव करीब आठ किमी लंबे क्षेत्र में हुआ है। इनमें से करीब 200 आतंकियों ने किया सरेंडर।
  • एनआरएफ ने निकटवर्ती पारवर प्रांत की राजधानी चारीकार को नियंत्रण में ले लिया है।
विज्ञापन
talibani terrorist - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे से आजाद पंजशीर प्रांत से आतंकियों का सशस्त्र मुकाबला कर रही नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स (एनआरएफ) ने दावा किया है कि उसने काबुल और पंजशीर के बीच में स्थित खावक नामक जगह पर हजारों तालिबानी आतंकियों को घेर लिया है।

विज्ञापन


यह घेराव करीब आठ किमी लंबे क्षेत्र में हुआ है। इनमें से करीब 200 आतंकियों ने सरेंडर कर दिया है। वहीं विभिन्न जगह हुई मुठभेड़ में 450 तालिबानी मारे जाने का दावा किया गया है।

उसके अनुसार तालिबान अपनी नई सरकार की घोषणा में देरी कर रहा है, क्योंकि पंजशीर में उसे काफी नुकसान हुआ है। एनआरएफ ने निकटवर्ती पारवर प्रांत की राजधानी चारीकार को नियंत्रण में ले लिया है। जबल सराज नामक स्थान पर समर्पण करने वाले तालिबानियों की बंदूकों के ढेर की तस्वीरें उसने जारी की हैं। इनमें से 170 तालिबानियों द्वारा एनआरएफ से जुड़ने की बात कही गई है।
विज्ञापन


पाकिस्तान, अलकायदा, आईएसआईएस, जिहाद अल नुसरा नामक आतंकी संगठनों द्वारा तालिबानी आतंकियों का साथ देने का दावा करते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों के पहचान पत्र की तस्वीरें भी जारी की गई हैं। गौरतलब है कि पंजशीर से अहमद मसूद और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के नेतृत्व में तालिबानियों का मुकाबला किया जा रहा है।

अमानवीयता पर उतरा तालिबान संयुक्त राष्ट्र ध्यान दे : सालेह
तालिबान के कब्जे के बाद खुद को राष्ट्रपति घोषित कर चुके अमरुल्लाह सालेह ने ट्विटर पर बताया कि तालिबान पंजशीर में मानवीय सहायता रोक रहा है। यहां आने जाने वालों की जांच कर रहा है और पंजशीर के लोगों से जबरन बारूदी सुरंगें साफ करवा रहा है।

सालेह के अनुसार जिस अस्पताल में पिछले 23 साल से तालिबानियों को भी इलाज देने से इनकार नहीं किया गया, वहां मरीजों के लिए दवाओं की आपूर्ति रोकी जा रही है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ सहित विश्व के सभी प्रमुख नेताओं से तालिबानियों के इस आतंकी व्यवहार के खिलाफ कदम उठाने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें