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Sheikh Hasina: '15 साल का कार्यकाल अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित रहा'; अमेरिका में रह रहे बेटे का दावा

Sat, 10 Aug 2024 01:38 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनने के बाद भू-राजनीतिक बदलावों पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे अमेरिका में रह रहे हैं। उन्होंने हालिया घटनाक्रम पर बयान दिया है। हसीना के बेटे का दावा है कि उनकी मां के कार्यकाल में देश में सबसे तेज आर्थिक विकास हुए। इसी कालखंड में अल्पसंख्यकों को भी सबसे सुरक्षित वातावरण मिला।
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पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राजनीतिक उथल पुथल से जूझ रहे बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है। 17 सदस्यीय सलाहकार परिषद में कई दिग्गजों को शामिल किया गया है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम किस तरह बदलेगा। अमेरिका और चीन के साथ-साथ भारत भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। ताजा घटनाक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिकी शहर वॉशिंगटन से कई अहम सवालों के जवाब दिए। लगातार 15 साल देश की सत्ता पर आसीन रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भी बात की।
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'पिछले 15 साल बांग्लादेश के इतिहास में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित रहे'
बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से जुड़े एक सवाल पर जॉय ने कहा, देश के इतिहास में सिर्फ़ शेख हसीना की सरकार ही रही है जिसने बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने और बांग्लादेश को सभी उग्रवाद और हिंसा से सुरक्षित रखने में खुद को साबित किया है। पिछले 15 साल बांग्लादेश के इतिहास में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित रहे हैं। इसी कालखंड में सबसे ज़्यादा आर्थिक विकास भी हुआ। शेख हसीना की आलोचना करने वाले भी इससे इनकार नहीं कर सकते। अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश...
जॉय ने कहा कि हालिया उथलपुथल के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी गैर-निर्वाचित सरकार को बांग्लादेश की लगभग पूरी आबादी का समर्थन हासिल नहीं है। इसके पास कोई लोकप्रिय जनादेश नहीं है। ऐसे में क्या वे अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रख पाएंगे? ये सबसे बड़ा सवाल है। परिणाम दिखने लगा है। उन्होंने कहा, 'अल्पसंख्यक देश से भागने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उनके बारे में चिंतित हूं... मैं अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने, बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था बहाल करने और लोकतंत्र को वापस लाने के लिए जो कुछ भी कर सकता हूं, करना चाहता हूं। यही हमारा लक्ष्य है।'
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देश में पूरी तरह असंवैधानिक स्थिति
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार के बारे में जॉय ने कहा, 'हम सभी लोकतंत्र की शीघ्र बहाली चाहते हैं। फिलहाल, देश में पूरी तरह असंवैधानिक स्थिति है। यह सरकार पूरी तरह से असंवैधानिक है। एक छोटे से अल्पसंख्यक तबके की तरफ से चुनी गई सरकार के लिए कोई प्रावधान नहीं है।' अंतरिम सरकार पर बोले- जिनके पास जनादेश नहीं, उनकी बात कौन सुनेगा?
जॉय ने कहा, बांग्लादेश में लगभग 17 करोड़ लोग हैं। 20,000 या 50,000 प्रदर्शनकारी पूरी आबादी का एक छोटा सा हिस्सा हैं। किसी ने भी इस सरकार को वोट नहीं दिया है। वे 24 घंटे से भी कम समय से सत्ता में हैं। मुझे इस सरकार के कार्यकाल पर संदेह है। तख्तापलट करके सत्ता पर कब्ज़ा करना एक बात है। शासन करना दूसरी बात है। उनके पास लोगों का जनादेश नहीं है। उनकी बात कौन सुनेगा?
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