बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का कहना है कि सार्क की भावना को फिर से बहाल जाना चाहिए। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि आठ सदस्यीय यह समूह क्षेत्र की कई समस्याओं का समाधान कर सकता है।
केवल कागजों पर मौजूद सार्क
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क या एसएएआरसी) का गठन एक बड़े उद्देश्य के साथ किया गया था, लेकिन अब यह केवल कागजों पर मौजूद है और काम नहीं कर रहा है। बता दें, इस क्षेत्रीय समूह में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।
पीएम मोदी से मिलने की करेंगे कोशिश
यूनुस ने कहा कि वह इस महीने के अंत में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को फोटो खिंचवाने के लिए एक साथ लाने की कोशिश करेंगे।
एक साथ राष्ट्राध्यक्षों को लाने की करेंगे कोशिश
उन्होंने आगे कहा, 'हां हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की कोशिश करेंगे। साथ ही मैं यह भी प्रयास करूंगा कि सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को फोटो खिंचवाने के लिए एक साथ खड़ा किया जा सके। सार्क का गठन एक बड़े उद्देश्य के लिए किया गया था। अब सिर्फ यह कागजों पर मौजूद है। यह संगठन जमीनी हकीकत में काम नहीं कर रहा है। हम सार्क का नाम भूल गए हैं। मैं सार्क की भावना को फिर से जगाने की कोशिश कर रहा हूं।'
यूनुस ने कहा कि सार्क समिट बहुत लंबे समय से नहीं हुई है। अगर हम सब साथ आते हैं तो बहुत सारी परेशानियों का समाधान हो जाएंगा।
26 सितंबर को होगी संयुक्त राष्ट्र महासभा
संयुक्त राष्ट्र द्वारा वक्ताओं की जारी अस्थायी सूची के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र की उच्च स्तरीय आम बहस 24 से 30 सितंबर तक होगी।
कबसे नहीं हुआ सार्क समिट?
बता दें, नेपाल सार्क को सक्रिय करने के प्रयास कर रहा है। साल 2016 में इस्लामाबाद में सार्क समिट होना था, लेकिन उस वर्ष 18 सितंबर को जम्मू कश्मीर के उरी स्थित एक सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद भारत ने मौजूदा हालात के मद्देनजर सम्मेलन में हिस्सा लेने में असमर्थता जतायी थी। वहीं, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के भी इस्लामाबाद में होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार करने के बाद सम्मेलन रद्द कर दिया गया था।
यूरोपीय संघ ने आपसी सहयोग से काफी कुछ हासिल किया
नोबेल पुरस्कार विजेता ने कहा कि हालांकि सार्क की तर्ज पर गठित यूरोपीय संघ ने आपसी सहयोग से काफी कुछ हासिल किया है लेकिन सार्क के उद्देश्य को अब भी यह हासिल करना बाकी है। उन्होंने कहा, 'यूरोपीय देशों ने यूरोपीय संघ के जरिए बहुत कुछ हासिल किया है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि सार्क काम करे। यूरोपीय संघ को देखें, यह कितने शानदार ढंग से काम करता है। अगर पाकिस्तान को लेकर कोई समस्या है तो दूसरे तरीके निकाले जा सकते हैं। लेकिन सार्क का कामकाज रुकना नहीं चाहिए।'