बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता की आशंका के बीच अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे मुख्य विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं की ढाका में पुलिस के साथ झड़प हो गई। सत्तारूढ़ अवामी लीग ने भी शांति रैली आयोजित की। इसी समय प्रतिद्वंद्वी दलों की राजनीतिक रैलियों के कारण तनाव बढ़ गया। हालात पर काबू पाने के मद्देनजर शनिवार को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक सीमा रक्षकों को तैनात किया गया।
एक पुलिस कॉन्सटेबल की हत्या, 40 से अधिक घायल
पड़ोसी देश में तनाव की खबर पर पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में आहूत राजनीतिक रैलियों के दौरान शनिवार को भड़की हिंसा में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। सुरक्षाकर्मियों सहित 200 से अधिक लोगों के घायल होने की भी खबर है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रवक्ता फारुक हुसैन ने कहा कि बीएनपी कार्यकर्ताओं ने एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या कर दी। राजधानी ढाका के अलग-अलग इलाकों में हुई झड़पों में 41 अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। 39 पुलिसकर्मियों का इलाज राजारबाग केंद्रीय पुलिस अस्पताल (सीपीएच) में चल रहा है।
पुलिस ने रबर की गोलियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया
सरकारी ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पुलिस चौकी के निरीक्षक बच्चू मियां ने बताया, घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल लाए जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।" सत्तारूढ़ अवामी लीग पार्टी और मुख्य विपक्षी बीएनपी ने एक साथ रैलियां की जिससे तनाव और बढ़ गया। बीएनपी की रैली में उमड़े हजारों लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबर की गोलियों, आंसू गैस और साउंड हैंडग्रेनेड का इस्तेमाल किया।
कई लोगों के सिर में गंभीर चोटें, 200 लोग अस्पताल में भर्ती
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की जासूसी शाखा के प्रमुख हारुनूर रशीद ने कहा, "बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकारी प्रतिष्ठानों और संपत्ति पर हमला किया। कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" ढाका के मुख्य सरकारी अस्पताल डीएमसीएच के डॉक्टरों ने बताया कि अब तक, लगभग 200 लोगों को अस्पताल में लाया गया है। कई लोगों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।
विपक्षी कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस का इस्तेमाल
हिंसा को लेकर आई खबरों के अनुसार, ककरैल क्षेत्र में तब भड़की जब बीएनपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी पार्टी के सदस्यों को ले जा रही एक बस पर हमला किया। जैसे ही पुलिस ने सरकार विरोधी नारे लगा रहे विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस छोड़ी, भीड़ तितर-बितर हो गई।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व में मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अंतरिम सरकार के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग की। चुनाव की अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे की मांग भी हो रही है। इस्तीफे पर जोर देने के लिए ढाका में बीएनपी ने भव्य रैली का आयोजन किया।
बांग्लादेश में उपद्रव को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और निजी टीवी चैनलों की खबरों के अनुसार, बीएनपी के आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने ककरैल में एक पुलिस बूथ को आग लगा दी। मुख्य न्यायाधीश के आवास पर भी पथराव हुआ। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को क्षतिग्रस्त भी कर दिया। मौके पर तैनात सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज की भी खबरें हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक टीवी फुटेज में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ अर्धसैनिक बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के जवानों को भी घटनास्थल पर देखा गया।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की जासूसी शाखा के प्रमुख हारुनूर रशीद ने बताया, "बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकारी प्रतिष्ठानों और संपत्ति पर हमला किया, कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने कहा कि हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और उन्हें केंद्रीय पुलिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, "जो भी उनके हमले की चपेट में आया।"
खबरों के अनुसार बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी दल ने रविवार को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। उनकी रैली को विफल करने और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला करने की पुलिस कार्रवाई के विरोध में, पिछले कई वर्षों में पहली हड़ताल की गई है।
प्रधानमंत्री हसीना की सत्तारूढ़ अवामी लीग पार्टी ने भी बैतुल मोकर्रम राष्ट्र मस्जिद के दक्षिणी गेट पर हजारों समर्थकों को इकट्ठा कर "शांति रैली" का आयोजन किया। इसी समय बीएनपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के नया पलटन केंद्रीय कार्यालय के आसपास रैली की। राजनीतिक रैलियों की दोनों जगहें ढाका शहर में ही है।
रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षाबलों ने लाठियों और पत्थरों से लैस प्रतिद्वंद्वी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों को रोकने के लिए पानी की बौछारों का सहारा लिया। दंगाइयों से निपटने के लिए पुलिस ने पुराना पलटन क्षेत्र में बफर जोन बनाए। दोनों दलों को अपनी पसंद के स्थानों पर रैलियां आयोजित करने के लिए कल देर रात पुलिस की अनुमति मिल गई, लेकिन हालात न बिगड़े ये सुनिश्चित करने के लिए कई शर्तें लगाई गईं।
पुलिस की शर्तों को धता बताते हुए, दोनों पार्टियों ने अपनी रैलियां शुरू कर दीं। इससे राजधानी के अधिकांश हिस्सों में यातायात की आवाजाही बाधित हो गई। हिंसा के डर से कई दुकान मालिकों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लोगों ने अपने व्यवसाय बंद कर दिए।
जमात-ए-इस्लामी बीएनपी के धुर दक्षिणपंथी सहयोगी हैं। जमात ने पुलिस प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए एक अलग रैली की घोषणा की थी। उनके समर्थकों ने बीएनपी की रैली बांग्लादेश बैंक के सामने शापला चत्तर नाम की जगह पर आयोजित कराने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल कर उन्हें तितर-बितर कर दिया।
शेख हसीना के इस्तीफे की मांग और बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव बढ़ने की घटना, जनवरी 2024 की शुरुआत में होने वाले आम चुनावों से पहले हुई है। बता दें कि बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हसीना 15 साल से सत्ता में हैं।
गौरतलब है कि बांग्लादेश के विपक्षी दल महीनों से शेख हसीना के इस्तीफे समेत अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, उनकी नेता खालिदा जिया घर में नजरबंद हैं। खालिदा दो बार की प्रधानमंत्री हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराया गया है। बीएनपी का कहना है कि हसीना को हटाने के लिए अंतिम प्रयास किया जा रहा है। खबरों के मुताबिक बांग्लादेश का चुनाव आयोग देश के 12वें राष्ट्रीय चुनाव की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है।