बांग्लादेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने से फिर इनकार कर दिया है। बेगम जिया प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नेता भी हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की सरकार ने बेगम जिया को विदेश जाने की इजाजत देने की मांग को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है।
बीएनपी का कहना है कि बेगम जिया की सेहत नाजुक है। इसलिए उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मिलनी चाहिए। लेकिन महमूद ने कहा कि जो बात बीएनपी कह रही है, उसकी पुष्टि वे डॉक्टर नहीं कर रहे हैं, जो बेगम जिया के इलाज से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा- इससे साफ है कि बेगम जिया को विदेश ले जाने की मांग स्वास्थ्य संबंधी कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से की जा रही है।
बीएनपी ने सरकार के इस रुख के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का एलान किया है। लेकिन सरकार का कहना है कि अपनी नेता की सेहत का मुद्दा बना कर बीएनपी देश में अराजकता फैलाना चाहती है। इस बीच एक दूसरी खबर में बताया गया है कि ढाका की एक अदालत ने बेगम जिया के खिलाफ मामलों की सुनवाई का कार्यक्रम तय कर दिया है। ऐसे कुल 11 मामलों में सजा तय करने पर सुनवाई होगी। इन मामलों में बेगम जिया के खिलाफ जो आरोप हैं, उनमें एक राजद्रोह का भी है।
सोमवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन सेशन कोर्ट के जज केएम इमरुल कायेश ने ढाका सेंट्रल जेल के अंदर कोर्ट बैठाने का फैसला किया। उन्होंने सुनवाई के लिए 15 दिन की अवधि तय की है। ये आदेश उन्होंने बेगम जिया की उस अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया, जिसमें सुनवाई से पहले अधिक समय देने की गुजारिश की गई थी। इसके पहले हाई कोर्ट ने इनमें से ज्यादातर मामलों में सुनवाई पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब दोबारा सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।