मानवाधिकार समूह 'बलूच यकजेहती कमेटी' (बलूच एकजुटता समिति) यह अभियान मंगलवार शाम छह बजे से 12 बजे तक #EndBalochGenocide हैशटैग के साथ चलाएगा। समूह ने कहा, 'बलूच यकजेहती कमेटी जबरन गायब किए गए लोगों की फर्जी मुठभेड़ में हत्या खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाने जा रही है। जबरन गायब किए गए बलूच लोगों को काल कोठरी में मारा जा रहा है। जो सुनियोजित नरसंहार का हिस्सा है। हम समाज के सभी क्षेत्रों के लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे 'बलूच राष्ट्र' को बचाने के लिए आवाज उठाएं।' बता दें कि बलूचिस्तान के कई लोग खुद को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते हैं और खुद की पहचान एक बलूच राष्ट्र के नागरिक रूप में करते हैं।
इसके अलावा, मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलूच ने लोगों से अभियान में शामिल होने और बलूच राष्ट्र में पाकिस्तानी सरकार के अत्याचारों की निंदा करने का आग्रह किया। महरंग एक पोस्ट में कहा, बलूचिस्तान में जबरन गायब लोगों की न्यायेतर हत्याओं पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। राज्य के इन अत्याचारों की निंदा करने और 'बलूच राष्ट्र' के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक्स पर बलूच यकजेहती कमेटी के अभियान में शामिल हों।
इससे पहले सोमवार को बलूच यकजेहती कमेटी ने क्वेटा के सरकार अस्पताल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कमेटी ने लापता लोगों की कथित फर्जी मुठभेड़ों में हत्या की निंदा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ित परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे। जिन्होंने न्याय की मांग की। महरंग ने मीडियो से बातचीत में कहा, अपनी मांगों को लेकर लंबे शांतिपूर्ण मार्च के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लापता लोगों के परिवारों की चिंताओं को दूर करने से मना कर दिया। उन्होने अपनी निराशा जताते हुए कहा, राज्य बलूचिस्तान के प्रति अपनी क्रूर और दमनकारी नीतियों पर कायम है।