सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह अपने शांति अभियानों के लिए बजट बढ़ाए। जनरल नरवणे ने साथ ही उभरती चुनौतियों के मद्देनजर शांति अभियानों के लिए उचित साजो-सामान एवं बेहतर प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बांग्लादेश की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर गए जनरल नरवणे ने यहां कई देशों के सैन्य अभ्यास के इतर आयोजित सेना प्रमुखों के एक सम्मेलन में हिस्सा लिया।
भारतीय सेना के ‘एडिशनल डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक इन्फार्मेशन’ (एडीजी पीआई) ने ट्वीट किया कि पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर यहां आए जनरल नरवणे ने सेना प्रमुखों के सम्मेलन में ‘‘वैश्विक संघर्षों की बदलती प्रकृति: संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की भूमिका’’ पर अपनी बात रखी। बता दें कि जनरल नरवणे की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब करीब दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश की यात्रा की थी ।
उभरती चुनौतियों की तरफ इशारा
बांग्लादेश रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जनरल नरवणे ने संयुक्त राष्ट्र शांति गतिविधियों के लिए बजट बढोतरी पर जोर दिया। भारतीय सेना प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए उभरती चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए इसके लिए उचित साजो-सामान और बेहतर प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान भागीदारी के आधार पर चलने चाहिए।
कई देशों की सेना ने लिया हिस्सा
इस सम्मेलन का आयोजन आतंकवाद-निरोधी अभ्यास, शांतिर अग्रसेना (शांति के अग्रदूत) के तहत किया गया था। यह 4 अप्रैल को शुरू हुआ था। इस अभ्यास में रॉयल भूटान आर्मी, श्रीलंकाई सेना और बांग्लादेश की सेना के साथ भारतीय सेना की 30 कर्मियों वाली एक टुकड़ी हिस्सा लिया। यह अभ्यास सोमवार को संपन्न होगा। अमेरिका, ब्रिटेन, तुर्की, सऊदी अरब, कुवैत और सिंगापुर के सैन्य पर्यवेक्षक भी अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
जनरल नरवणे ने बांग्लादेश की सेना की 10 इंफ्रैंटी डिवीजन का दौरा किया। सेना के अतिरिक्त सूचना महानिदेशालय ने ट्वीट किया कि जनरल एमएम नरवणे ने 10 इंफ्रैंटी डिवीजन का दौरा किया और बांग्लादेश की सेना के अधिकारियों से बातचीत की। इससे पहले शुक्रवार को जनरल नरवणे ने बांग्लादेश के संस्थापक जनक शेख मुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उनके मेमोरियल गए थे।