हालांकि, आर्मेनियाई अधिकारियों ने तर्क दिया है कि इस कदम का रूस से कोई लेना-देना नहीं है और यह कदम देश के खिलाफ 'अजरबैजान की आक्रामकता' से प्रेरित है। सांसदों ने 60-22 के मतदान से रोम संविधि (नियम या कानून) की पुष्टि करने के लिए मतदान किया। अब आर्मेनिया के राष्ट्रपति को साठ दिनों के भीतर इस फैसले पर हस्ताक्षर करने होंगे।
मॉस्को ने पिछले महीने येरवान के आईसीसी में शामिल होने के प्रयास को 'अमैत्रीपूर्ण कदम' कहा था। इसको लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने आर्मेनिया के राजदूत को तलब किया था। जिन देशों ने आईसीसी बनाने वाले रोम संविधि पर हस्ताक्षर किए हैं, वे पुतिन को गिरफ्तार करने के लिए बाध्य हैं, अगर वह उनकी धरती पर पैर रखते हैं।। आईसीसी ने यूक्रेन से बच्चों के निर्वासन से संबंधित युद्ध अपराधों के लिए पुतिन को दोषी ठहराया गया था।
हाल के वर्षों में रूस के साथ आर्मेनिया के संबंधों में काफी गिरावट आई है। 2020 में मॉस्को ने एक समझौते की मध्यस्थता की थी, जिसने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच छह सप्ताह के युद्ध को समाप्त कर दिया था। इसके तहत येरवान ने नागोरनो -काराबाख और उसके आसपास के इलाके के बड़े हिस्से को बाकू को सौंप दिया। बाकू आर्मेनियाई आबादी के साथ अजरबैजान का एक हिस्सा है।रूस ने तब अशांत क्षेत्र में लगभग 2,000 शांति सैनिक भेजे थे।
क्रेमलिन ने आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान पर क्षेत्र पर अजरबैजान की संप्रभुता को स्वीकार करके नागोरनो-काराबाख के पतन को रोकने का आरोप लगाया है। मॉस्को ने येरवान को पश्चिम को गले लगाकर रूस के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाने के लिए भी दोषी ठहराया, जिसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करना भी शामिल है।