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नाइजीरिया: हथियारबंद हमलावरों ने ग्रामीणों पर बरसाईं गोलियां, करीब 200 लोगों की मौत

Mon, 10 Jan 2022 12:55 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माइदुगुरि

सार

नरसंहार में मारे गए को दफनाने में सेना ने सामूहिक रूप से लोगों की मदद की। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि हमले में 58 लोगों की मौत हुई है। 
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नाइजीरिया के एक गांव से बड़े नरसंहार की खबरें आई हैं जिनमें सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी नाइजीरियाई राज्य जम्फारा के गांवों में कुछ हथियारबंद डकैतों ने लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं हैं, इस हमले में अनुमानित 200 या अधिक लोग मारे गए हैं।

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लोगों को दफनाने में सेना की मदद
खबरों की मानें तो हमलावरों ने सोमवार को अपने ठिकानों पर हुए सैन्य हवाई हमलों का घातक प्रतिशोध लिया है। नरसंहार में मारे गए को दफनाने में सेना ने सामूहिक रूप से लोगों की मदद की। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि हमले में 58 लोगों की मौत हुई है। हमले के दौरान अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खोने वाले एक निवासी उमरारू मकेरी ने कहा कि मारे गए लगभग 154 लोगों को दफनाया गया है। निवासियों ने कहा कि कुल मरने वालों की संख्या कम से कम 200 थी।

बता दें कि सोमवार को नाइजीरिया सेना ने जम्फारा राज्य के गुसामी जंगल और पश्चिमी त्समरे गाँव में डकैतों के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। जिसमें उनके दो मुख्य लीडरों सहित 100 से अधिक डकैतों की मौत हो गई थी। वहीं इन गावों पर हुए हमलों से डकैतों ने अपना बदला लिया है। 
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लोगों के घरों में लगा दी आग
मोटरसाइकिलों पर 300 से अधिक सशस्त्र हमलावरों ने आठ गांवों पर धावा बोल दिया और मंगलवार को छिटपुट रूप से गोलीबारी शुरू कर दी। जम्फारा में स्थानीय सरकार के क्षेत्र में कम से कम 30 लोग मारे गए। मंगलवार और गुरुवार की रात के बीच मोटरसाइकिल पर सवार बंदूकधारी बड़ी संख्या में गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों पर गोलियां चलाईं और घरों में आग लगा दी।

राष्ट्रपति ने नरसंहार पर दिया बयान
राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि सेना ने उन आपराधिक गिरोहों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने के लिए और उपकरण हासिल कर लिए हैं। साथ ही कहा कि डाकुओं द्वारा निर्दोष लोगों पर यह हमला दर्शाता है कि वे हताशा में ऐसा काम कर रहे हैं। आगे कहा कि डकैत हमारी सेना के निरंतर दबाव में है।

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