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नेपोलियन की पत्नी जोसेफिन की मूर्ति को नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों ने तोड़ा

Tue, 28 Jul 2020 08:56 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फोर्ट-डे-फ्रांस
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नेपोलियन बोनापार्ट की पहली पत्नी जोसेफीन की मूर्ति को तोड़ा गया - फोटो : Twitter
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अमेरिकी अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद से पूरी दुनिया में नस्लवाद विरोधी आंदोलन हो रहे हैं। वहीं, दुनियाभर के प्रमुख शहरों में प्रदर्शन के दौरान मूर्तियों को तोड़ने की एक परंपरा शुरू हो गई है। कई देशों में उपनिवेशवादी प्रतीकों वाली मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। 

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ऐसा ही एक मामला कैरेबियन द्वीप समूहों में स्थित फ्रांस के एक प्रांत मार्टीनिक में देखने को मिला, जहां नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों ने नेपोलियन बोनापार्ट की पहली पत्नी जोसेफीन की मूर्ति को तोड़कर गिरा दिया। इसके अलावा अन्य उपनिवेशवादी व्यक्तियों की मूर्तियों को भी तोड़ा गया। गौरतलब है कि, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में कहा था कि विवादास्पद स्मारकों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। 


इस द्वीप के एक धनी परिवार में पैदा हुईं जोसेफिन डी ब्यूहरैनिस की शादी नेपोलियन बोनापार्ट से हुई थी। द्वीप पर उनकी मूर्ति लगाई गई थी, जिसे लोगों की भीड़ ने रस्सियों और डंडों की मदद से तोड़ दिया।
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यह भी पढ़ें: जॉर्ज फ्लॉयड के साथ आखिरी 30 मिनट में क्या हुआ था? 

दरअसल, नेपोलियन ने फ्रांस की कॉलोनियों पर 1802 में फिर से गुलाम प्रथा की शुरुआत की थी, जिसे आठ साल पहले फ्रांसीसी क्रांति के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया था। जोसेफिन की मूर्ति के सिर को 30 साल पहले ही तोड़ दिया गया था, तब से लेकर अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई थी। 

पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि इस मूर्ति को अधिकारियों द्वारा रविवार तक हटा लिया जाए, वरना इसे निशाना बनाया जाएगा। 

पुलिस के सूत्रों ने कहा, इस कैरेबियन द्वीप के लिए शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने प्रसाशन को कहा था कि इस मसले पर वे कोई हस्तक्षेप नहीं करें। लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने एक बयान जारी कर इसकी निंदा की। 
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ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के मद्देनजर नस्लवाद और पुलिस की बर्बरता के खिलाफ दुनियाभर में हो रहे ताजा विरोध प्रदर्शनों के कारण फ्रांस के औपनिवेशिक अतीत पर बहस फिर से शुरू हो गई है।

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