मैक्सिकन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंथ्रोपोलॉजी एंड हिस्ट्री (आईएनएएच) ने बुधवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि मंगलवार की रात इहुआट्जियो क्षेत्र में एक पिरामिड ढह गया। प्योरपेचा झील के बेसिन के पास भारी बारिश के कारण ऐसा हुआ।
मैक्सिको में तूफान के कारण प्राचीन जनजाति द्वारा उपयोग किए जाने वाले दो पिरामिड ढह गए। इस घटना के बाद से अब इसे बनाने वाले मूल जाति के वंशजों को बड़ी प्राकृतिक आपदा का डर सताने लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि 30 जुलाई को भारी बारिश के बाद पिरामिड आंशिक रूप से ढह गया और इसका एक हिस्सा बह गया। इस पिरामिड का निर्माण आधुनिक प्योरपेचा लोगों के पूर्वजों ने किया था। इतिहासकारों के अनुसार, प्राचीन प्योरपेचा जनजाति अपने महत्वपूर्ण देवता कुरिकवेरी को मानव बलि देने के लिए याकाटा पिरामिड का इस्तेमाल करते थे। बता दें कि याकाटा पिरामिड मिचोआकेन राज्य के इहुआट्जियो में पाए जाते हैं।
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स्थानीय निवासी ने तूफान को बताया विनाश का संकेत
वहां के एक स्थानीय निवासी तारियाकुइरी अल्वारेज ने बताया कि यह तूफान विनाश का संकेत दे सकता है। उन्होंने कहा, "हमारे पुर्वजों के लिए यह एक बुरी खबर है जो विनाशकारी घटना की तरफ इशारा कर रहा है।" प्योरपेचा जनजातियों ने एज्टेक को हराया था और 1519 में स्पेनश आक्रमण से पहले 400 वर्षों तक शासन किया था। तारियाकुइरी अल्वारेज ने आगे कहा, "विजेताओं के आगमन के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ था।"
आईएनएएच ने जारी किया बयान
मैक्सिकन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंथ्रोपोलॉजी एंड हिस्ट्री (आईएनएएच) ने बुधवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया, "मंगलवार की रात इहुआट्जियो क्षेत्र में एक पिरामिड ढह गया। प्योरपेचा झील के बेसिन के पास भारी बारिश के कारण ऐसा हुआ। इस इलाके में उच्च तापमान और सूखे के कारण कई हिस्सों में दरारें पड़ गईं।"
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बयान में आगे कहा गया कि 30 जुलाई की शुरुआती घंटों में कर्मचारी नुकसान का आकलन करने के लिए गए। सर्वेक्षण में यह मालूम चला की पिरामिड की बाहरी दिवार और अंदर के हिस्से को नुकसान पहुंचा है। इसे ठीक करने और इमारत की संरचना की पूरी तरह से मरम्मत पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।