मेरिकी की एक अदालत ने गोपनीय दस्तावेज तथा सूचनाएं चुराने के मामले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत टाटा ग्रुप की दो कंपनियों पर 94 करोड़ डॉलर (लगभग 62.65 अरब रुपये) का जुर्माना ठोंका है। एपिक सिस्टम्स ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और टाटा अमेरिका इंटरनेशनल कॉर्प के खिलाफ व्यापार गोपनीयता का मामला दायर किया था।
अदालत ने दोनों कंपनियों को आदेश दिया है कि वे सॉफ्टवेयर को कथित तौर पर क्षति पहुंचाने के लिए एपिक को 24 करोड़ डॉलर (लगभग 16 अरब रुपये) का भुगतान करें। वहीं 70 करोड़ डॉलर (लगभग 46.65 अरब रुपये) दंडात्मक जुर्माने के तौर पर चुकाने होंगे। दूसरी ओर टीसीएस ने कंपनी पर लगे आरोपों का खंडन किया है और ऊपरी अदालत में जाने की बात कही है।
एपिक ने टाटा की दोनों कंपनियों के खिलाफ मेडिसन की जिला अदालत में अक्तूबर 2014 में वाद दायर किया था। अमेरिकी फर्म का आरोप है कि टीसीएस ने उसके उपभोक्ता को परामर्श देने के दौरान एपिक से जुड़े डाटा, गोपनीय सूचनाएं और दस्तावेज तथा व्यापार से संबंधित राज चुरा लिए।
एपिक के अनुसार हाल ही में उसे सूचना मिली कि टीसीएस के कर्मचारी उसके साफ्टवेयर को गलत तरीके से एक्सेस कर रहे हैं। परामर्श करार के मुताबिक उन्हें जितनी जानकारी की जरूरत है, टीसीएस उससे कहीं अधिक ले रही है और एपिक के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल अपने प्रतियोगी उत्पाद को बेहतर बनाने के लिए कर रही है। उधर टीसीएस ने स्पष्ट किया कि उसने एपिक सिस्टम्स केस में आईपी से संबंधित किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया। कंपनी आईपी, अपनी साख और वित्तीय हितों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह समर्पित है।