अमेरिकी नौसेना प्रमुख ने कहा है कि अपने महिला सहकर्मियों की न्यूड तस्वीरें ऑनलाइन शेयर करने को लेकर जवाबदेही तय की जाएगी। सीनेट कमेटी के सामने दिए बयान में जनरल रॉबर्ट नेलर ने मरीन कल्चर को बदलने का वादा किया।
पिछले हफ्ते ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं जिससे पता चला कि नौसेना के पुरुष कर्मचारी ही अपनी महिला सहकर्मियों की न्यूड तस्वीरें फेसबुक में साझा कर रहे थे और मैसेज कर रहे थे। घटना सामने आने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। लेकिन सीनेट पैनल की महिला सदस्यों ने नेलर के वादे पर उनकी खिंचाई की।
न्यूयॉर्क से सीनेटर क्रिस्टन गिलिब्रैंड ने कहा कि यौन हमले और उत्पीड़न के आरोप लंबे समय से सामने आ रहे हैं लेकिन सेना ने इसे हल करने की कोई कोशिश नहीं की। उन्होंने 2013 की उस घटना का जिक्र किया जिसमें मरीन्स में इसी तरह के ऑनलाइन शोषण के आरोप लगे थे।
उन्होंने कहा, "जब आप बदलाव की बात करते हैं, तो आपके दावे खोखले नजर आते हैं।" ये तस्वीरें मरीन्स यूनाइटेड नाम के ग्रुप में ही पोस्ट की गई थीं जिनके साथ भद्दे और आक्रामक सेक्शुअल संदेश भी थे। इस ग्रुप में 30 हजार वर्तमान और सेवानिवृत्त पुरुष मरीन सदस्य हैं।
इसे अब बंद किया जा चुका है। नेलर ने कहा कि नेवल क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन सर्विसेज इस स्कैंडल की जांच कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इस घटना से महिला भर्ती पर असर पड़ेगा। नेलर ने कहा कि इस मामले बहुत कम संख्या में महिलाएं आगे आई हैं। इस घटना को पूर्व मरीन थॉमस ब्रेनन द्वारा संचालित एक मीडिया संस्था द वॉर हॉर्स ने उजागर किया था।
द वॉर हॉर्स के अनुसार, फेसबुक ग्रुप में सदस्यों को ऐसी तस्वीरें तलाशने और उन्हें पोस्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। यही नहीं ग्रुप के सदस्य उस महिला के नाम, उनके रैंक और यूनिट की पहचान भी सार्वजनिक करते थे। तस्वीरें साझा करने की शुरुआत उसी महीने हुई जब पहली यूएस मरीन इनफैंट्री यूनिट में महिलाओं की भर्ती शुरू हुई।