हाइड्रोजन बम बनाकर अमेरिका को चुनौती देने वाले उत्तर कोरिया ने आर्थिक प्रतिबंध लगाने के बावजूद एक और अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर लिया है।
इससे पूरे कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका ने इसे पूरी दुनिया के लिए खतरा बताया और राष्ट्रपति ट्रंप ने जापान के पीएम शिंजो अबे व दक्षिण कोरियाई समकक्ष मून जेई-इन के साथ आपातकालीन बातचीत की।
जबकि उत्तर कोरियाई तानाशाह ने इसे राष्ट्रीय गर्व बताते हुए कहा कि अमेरिका का हर शहर हमारी जद में है और इससे उत्तर कोरिया एक परमाणु संपन्न देश का दर्जा हासिल कर चुका है।
व्हाइट हाउस ने बताया कि दो माह बाद उत्तर कोरिया द्वारा किए गए मिसाइल परीक्षण के बाद ट्रंप, शिंजो अबे व मून ने इस हरकत को उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह न सिर्फ अमेरिका, जापान व दक्षिण कोरिया, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक खतरा है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि वह परीक्षण के बाद की स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने हथियार कार्यक्रम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ उत्तर कोरिया सुरक्षा कमजोर होगी बल्कि उसका कूटनीतिक व आर्थिक अलगाव भी गहराएगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी ताजा मिसाइल परीक्षण की आलोचना करते हुए कहा कि वे तनाव कम करने के लिए सभी पक्षों से बात करने को तैयार हैं।
उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण ट्रंप द्वारा उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने व आतंक प्रायोजित देश घोषित करने के बावजूद किया है। जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह मिसाइल उसके विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में आकर गिरी है।
उत्तर कोरिया के सरकारी टेलीविजन ने किम जोंग-उन के हवाले से इस परीक्षण की घोषणा की। टीवी एंकर री चुन-ही के मुताबिक किम ने कहा कि इस अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल की जद में पूरे अमेरिका को लाकर उत्तर कोरिया एक पूर्ण परमाणु संपन्न देश का दर्जा हासिल चुका है, यह गर्व की बात है।
एक वरिष्ठ कोरियाई अधिकारी ने कहा कि उसके परमाणु कार्यक्रम का एकमात्र निशाना अमेरिका है और बाकी के एशियाई देश यदि उसे उकसाएं नहीं तो वे सुरक्षित हैं।