अमेरिका ने तालिबान को खरी-खरी सुनाई है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जबतक काबुल में लोकतांत्रिक सत्ता गठित नहीं हो जाती तबतक फंड को जारी नहीं किया जाएगा। तालिबान ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से बैंकों में फंसे फंड जारी करने का आग्रह किया था।
अमेरिका ने तालिबान को अफगान संपत्ति जारी करने की अपील को खारिज कर दिया है। अमेरिका ने कहा कि काबुल में जबतक सत्ता अस्तित्व में नहीं आ जाती तब तक संपत्ति जारी नहीं की जाएगी। अफगानिस्तान में अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि थॉमस वेस्ट ने एक बयान में कहा कि वाशिंगटन ने साफ कर दिया कि अगर तालिबान सैन्य बल द्वारा सत्ता हासिल करने का दावा करता है, तो उसे महत्वपूर्ण गैर-मानवीय सहायता में कटौती की जारी रहेगी।
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बीते दिनों तालिबान ने कहा था कि अफगानिस्तान में आर्थिक उथल-पुथल से विदेश में परेशानी का कारण बन सकती है। तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने अमेरिका को खत लिखकर फंड जारी करने की मांग की थी। तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने अफगानिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय असुरक्षा की थी और इस चिंता के पीछे की जड़ें अमेरिकी सरकार द्वारा हमारे लोगों की संपत्ति को फ्रीज करना है।
अफगान की 9.5 बिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अफगान केंद्रीय बैंक से करीब 9.5 बिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त कर रखी है। अफगानिस्तान के पास सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। ऐसे में अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। तालिबान अमेरिका से फ्रीज पैसे जारी करने की मांग कर रहा है, लेकिन अमेरिका फंड जारी करने से साफ मना कर दिया है।