बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
अमेरिकी राजनयिक ने सोमवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की। अमेरिकी दूतावास प्रभारी डी एफेयर हेलेन लाफवे ने कहा कि अमेरिका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ मिलकर काम करने और संबंधों को मजबूत करना चाहता है। राजनयिक ने बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर चिंता जताई।
बांग्लादेश के राज्य अतिथि गृह यमुना में मुलाकात के दौरान राजनयिक ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने मुख्य सलाहकार को बधाई दी है और साथ मिलकर काम करने की उम्मीद कर रही है। हेलेन ने कहा कि ढाका में अमेरिकी दूतावास वीजा प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए इस सप्ताह अपनी काउंसलर सेवा फिर शुरू करेगा। इसके अलावा अमेरिका स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, शासन और रोहिंग्या मुद्दों पर बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करेगा।
मुख्य सलाहकार यूनुस ने बांग्लादेश का समर्थन करने के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार देश के हालात में जल्द सुधार करेगी और आम चुनाव उचित समय के बाद होंगे। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार सभी नागरिकों के मानवाधिकारों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अमेरिकी राजनयिक ने श्रम और अल्पसंख्यक मुद्दों पर चिंता भी जताई। हेलेन ने कहा कि अमेरिकी सरकार पूर्व पीएम हसीना के खिलाफ चल रहे मुकदमों में निष्पक्ष सुनवाई के लिए बांग्लादेश को अभियोजन सेवा स्थापित करने में मदद करने की भी कोशिश करेगा।
संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने की मोहम्मद यूनुस से बात
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) फिलिपो ग्रांडी ने सोमवार को मुख्य सलाहकार यूनुस से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभालने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने रोहिंग्या मुद्दे पर चर्चा की। यूनुस ने बांग्लादेश में शिविरों में रहने वाले दस लाख से अधिक रोहिंग्या की उनकी मातृभूमि म्यांमार में सम्मानजनक और स्वैच्छिक वापसी के लिए संयुक्त राष्ट्र का समर्थन मांगा।
यूएनएचसीआर प्रमुख ने मुख्य सलाहकार से न्यूयॉर्क में आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर रोहिंग्या संकट पर बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया। यूनुस न्यूयॉर्क में 79वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विदेश सलाहकार एमडी तौहीद हुसैन ने कहा कि अंतरिम सरकार के प्रमुख का लक्ष्य अपने कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करना होगा। इसलिए यात्रा एक सप्ताह से अधिक नहीं होगी। केवल यूएनजीए में प्रत्यक्ष जिम्मेदारियां रखने वाले लोग ही मुख्य सलाहकार के साथ जाएंगे।