अमेरिका ने मंगलवार को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नेता को आतंकवादी के रूप में घोषित किया। टीटीपी जिसे पाकिस्तान तालिबान के रूप में भी जाना जाता है। यह आतंकी समूह कई आत्मघाती विस्फोटों और सैकड़ों नागरिकों को मारने के लिए जिम्मेदार है।
टीटीपी को पहले अमेरिकी राज्य विभाग द्वारा विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) के रूप में नामित किया गया था। नूर वली, जिसे मुफ्ती नूर वली महसूद के नाम से भी जाना जाता है, को जून 2018 में पूर्व टीटीपी नेता मुल्ला फजलुल्लाह की मृत्यु के बाद टीटीपी का नेता घोषित किया गया था।
एक बयान में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि नूर वली के नेतृत्व में, टीटीपी ने पाकिस्तान भर में कई घातक आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया। राज्य विभाग द्वारा यह निर्णय आतंकवादी समूह के हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए संसाधनों पर पाबंदी लगाने के लिए लिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, टीपीपी अल-कायदा से जुड़ा है। यह वित्त पोषण, नियोजन, सुविधा, हमले की तैयारी, या कृत्यों की गतिविधियों को बनाए रखने के लिए अलकायदा का सहयोग करता है।
यह पाकिस्तान के लिए एक झटके की तरह है उस पर लगातार विश्व समुदाय द्वारा आतंकवादी समूहों को वित्त पोषण करने का आरोप लगता रहा है। पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) जैसे आतंकवादी समूहों के प्रति अपने झुकाव के लिए एफएटीएफ रडार पर है।
एफएटीएफ ने अक्टूबर तक पाकिस्तान को आतंकी वित्तपोषण पर अंकुश लगाने की अपनी कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा है अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्ट होने का खतरा है। जिससे इसकी स्थिर अर्थव्यवस्था के लिए समस्याएं बढ़ सकती है। अमेरिका द्वारा की गई इस वर्तमान कार्रवाई के चलते एफएटीएफ के सामने इस्लामाबाद की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
टीपीपी के साथ, राज्य विभाग ने हिज़्बुल्लाह, हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, आईएसआईएस, आईएसआईएस-फिलीपींस और आईएसआईएस-पश्चिम अफ्रीका के नेताओं को भी सूचीबद्ध किया। विभाग ने सीरिया में एक अल-कायदा सहयोगी को भी नामित किया जिसका नाम हुरस अल दीन जो एक नामित वैश्विक आतंकवादी है।