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भारतीय राजदूत श्रृंगला बोले: अमेरिकी मीडिया कश्मीर पर एकतरफा तस्वीर दिखा रहा है

Wed, 11 Sep 2019 02:50 PM IST
अजय सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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हर्षवर्धन श्रृंगला (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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अमेरिका में भारत के राजदूत ने कहा है कि अमेरिकी मीडिया का एक तबका, खासतौर से उदारवादी धड़ा कश्मीर पर एकतरफा तस्वीर दिखा रहा है और ऐसा उन पक्षों के कहने पर किया जा रहा है जो भारतीय हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

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भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत द्वारा पिछले महीने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला लोगों की भलाई के लिए किया गया है। पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में भारतीय राजनयिक ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को अराजकतावादी प्रावधान करार दिया जिससे अर्थव्यवस्था का दम घुट रहा था और पाकिस्तानी आतंकवाद को बढ़ावा मिल रहा था।

उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्यवश, अमेरिका में मीडिया के एक तबके खासतौर से उदारवादी तबके ने अपने ही कारणों से, मुद्दे के इस परिदृश्य को सामने नहीं लाने का विकल्प चुना है जबकि यह परिदृश्य बेहद महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा कि इसके बजाय वे तस्वीर के उस पहलू पर फोकस कर रहे हैं जिसे उन पक्षों द्वारा आगे बढ़ाया गया है जो हमारे हितों से बैर रखते हैं।
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श्रृंगला ने कहा कि उन्होंने और यहां भारतीय दूतावास ने भारत के बारे में तथ्यात्मक स्थिति को लेकर कांग्रेस सदस्यों, सीनेटरों और थिंक टैंक से संपर्क कायम करने के लिए एक व्यापक अभियान छेड़ा है।

भारतीय राजदूत के अनुसार, कश्मीर में हालिया बदलावों से माहौल बेहतर होगा और यह कदम जम्मू कश्मीर के लोगों के हित में होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के लोगों को अपने अधिकारों को हासिल करने में मदद मिलेगी जिससे वे दशकों से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस विचार से हम रूबरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।  


ह्यूस्टन में मोदी का संबोधन यादगार होगा 
वहीं हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह के अंत में ह्यूस्टन में 50 हजार से अधिक भारतीय अमेरिकी समुदाय को संबोधित करेंगे जो एक उल्लेखनीय और यादगार कार्यक्रम रहेगा।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ह्यूस्टन इस प्रकार के सभी कार्यक्रमों (प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का विदेश में संबोधन) में से बड़ा और अधिक यादगार रहेगा।

उनका इशारा मोदी द्वारा 2014 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में और 2016 में सिलिकॉन वैली के सान जोस में भारतीय अमेरिकी समुदाय को संबोधित करने वाले कार्यक्रमों की ओर था। यहां प्रधानमंत्री ने 20 हजार से अधिक लोगों को संबोधित किया था। भारतीय राजदूत 22 सितंबर को एनआरजी स्टेडियम में होने वाले इस विशाल कार्यक्रम की तैयारियों में व्यक्तिगत तौर पर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा।

देश में मोदी के तीसरे बड़े कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए 50 हजार से अधिक भारतीय अमेरिकियों ने पंजीकरण कराया है। लेकिन इनमें से अधिकतर लोग ह्यूस्टन और डलास से और इसके आस पास से हैं।

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