विश्लेषकों के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी के इस अंदरूनी झगड़े के कारण अब आशंका पैदा हो गई हैं कि दोनों में कोई बिल पारित नहीं हो सकेगा। उधर डेमोक्रेटिक पार्टी के मध्यमार्गी नेताओं में इस गतिरोध के कारण असंतोष बढ़ रहा है। प्रोग्रेसिव धड़े के निशाने पर खास कर मध्यमार्गी डेमोक्रेटिक सीनेटर जो मेंचिन और क्रिस्टीन सिनेमा हैं, जो सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज या धनी लोगों पर टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का खुल कर विरोध कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति बाइडेन ने इन दोनों के साथ बातचीत करने के लिए ही अपनी शिकागो यात्रा रद्द की है।
एनबीसी के मुताबिक मंगलवार को अपनी एक बैठक में प्रोग्रेसिव धड़े के सदस्य रो खन्ना ने कहा कि क्रिस्टीन सिनेमा को मनाया जा सकता है, लेकिन असल समस्या जो मेंचिन हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जब खन्ना ने सिनेमा के बारे में आशाजनक बात कही, तो प्रोग्रेसिव सदस्यों ने ताली बजा कर उसका स्वागत किया। खन्ना ने अपना आकलन टीवी चैनल एनबीसी को भी बताया। उन्होंने कहा कि सिनेमा उस राज्य से जीती हैं, जहां पिछले राष्ट्रपति चुनाव में बाइडेन की जीत हुई थी। इसलिए उन्हें लगता है कि वे अपने राज्य की जन भावना का ख्याल रखेंगी।
लेकिन इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिनेमा के प्रवक्ता जॉन लाबोम्बार्ड ने कहा- ‘सीनेटर सिनेमा अपने फैसले चुनावी प्रचार के आधार पर नहीं करती हैं। वे इस आधार पर निर्णय लेती हैं कि देश के लिए क्या बेहतर है।’ उधर मंगलवार को नैंसी पेलोसी ने अपने पार्टी के सभी सांसदों को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि वे दोनों बिल पारित करवाना चाहती हैं। लेकिन पर्यवेक्षकों के मुताबिक फिलहाल घटनाएं पेलोसी की मर्जी के मुताबिक मोड़ लेती नहीं दिख रही हैं।