अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा और तमाम यूरोपीय देश रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर आर्थिक शिकंजा कसने के लिए एकजुट हो गए हैं। रूस पर सबसे ज्यादा सख्ती 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (ईयू) ने दिखाई है। शुक्रवार को ईयू नेताओं ने ज्यादा सख्त प्रतिबंधों का एलान करते हुए दावा किया कि इनसे रूस के 70 फीसदी बैंक और कंपनियों को भारी नुकसान होगा।
ऑस्ट्रेलिया भी कसेगा नकेल
ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि रूसी सरकार के नजदीकी रइसों, बेलारूस व अन्य संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे। यूक्रेन को सैन्य उपकरण व मेडिकल सामान भेजे जाएंगे।
जापान: सेमीकंडक्टरों की आपूर्ति रोकी
जापान में रूसी सरकार के बॉन्डों पर रोक लगा दी है। इससे रूसी सेना की फंडिंग पर असर पड़ेगा। यूक्रेन के रूस समर्थक हिस्सों के साथ कारोबार भी बंद कर दिया गया है और उनकी संपत्तियों व वीजा फ्रीज कर दिए गए हैं। जापान ने रूस को सेमीकंडक्टरों के शिपमेंट और रूसी सेना के सहयोगी संगठनों को आपूर्ति रोक दी है।
ताइवान : निर्यात नियंत्रण करेगा लागू
दुनिया के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर निर्माता देश ताइवान ने कहा, हम रूस पर प्रतिबंधों को लागू करेंगे।
द. कोरिया: वैश्विक प्रतिबंधों का देगा साथ
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय कदमों का साथ देंगे। लेकिन अपनी तरफ से प्रतिबंध का जिक्र नहीं किया।
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में नहीं होगा रूसी पवेलियन
28 फरवरी से स्पेन के बार्सिलोना में प्रस्तावित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में रूस का पवेलियन नहीं बनाया जाएगा।
रूस की जवाबी कार्रवाई, ब्रिटिश उड़ानों पर प्रतिबंध
रूस ने ब्रिटिश उड़ानों पर रोक लगा दी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिटिश उड़ानों के रूस में उतरने व हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने रूस की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एरोफ्लोट की उड़ानों के उतरने पर पाबंदी लगा दी थी। ब्रिटिश एयरवेज ने मॉस्को की उड़ानों के टिकट का पैसा लौटाने की घोषणा की।