काबुल के रिहायशी इलाके में हुई ड्रोन स्ट्राइक में कई लोगों की मौत हुई।
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काबुल एयरपोर्ट पर पिछले महीने एक बड़ा धमाका हुआ था, इस आतंकी हमले में आम नागरिकों के साथ एक दर्जन से ज्यादा अमेरिकी सैनिक भी मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका ने बदला लेते हुए आतंकियों के ठिकानों पर काबुल में ड्रोन से हमला किया था। जांच में पता चला था कि इस ड्रोन हमले में 10 लोग मारे गए थे। लेकिन अब अमेरिका ने मान लिया है कि काबुल ड्रोन हमले में 10 निर्दोष लोग मारे गए थे।
यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल फ्रैंक मैकेंजी का कहना है कि 29 अगस्त को काबुल में ड्रोन हमले में 10 नागरिकों की मौत एक दुखद गलती थी, पीड़ितों के परिवारों के लिए ईमानदारी से और गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने मांगी माफी
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने भी 29 अगस्त को काबुल में ड्रोन हमले में 10 अफगान नागरिकों की मौत के लिए माफी मांगी।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी किया था खुलासा
अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी जांच पड़ताल में पाया था कि अमेरिकी सेना ने जिस ड्रोन हमले में कार समेत ड्राइवर जेमारी अहमदी (46) समेत दस लोगों को उड़ाया उसमें बम नहीं था। जांच पड़ताल से पता चला, हमले के दिन जेमारी लोगों को काम पर छोड़ने और लाने का काम कर रहे थे। सेना कार में बम लोड करने की बात कर रही थी, जबकि वो पानी के कनस्तर थे, जिन्हें अहमदी ने कार में लोड किया था।
बेकसूर और मासूम बच्चे अपनी जान से हाथ गंवा बैठे
जांच में ये भी पता किया गया कि कार ड्राइवर का आईएसआईएस से संबंध तो नहीं था? ड्रोन से हमले के बाद कार में क्या कोई धमाका हुआ था। जांच पड़ताल के आधार पर अखबार ने कार में बम न होने का दावा किया था। साथ ही ये भी स्पष्ट किया था कि ये हमला एक चूक थी, जिसमें बेकसूर और मासूम बच्चे अपनी जान से हाथ गंवा बैठे।