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चीन: देश में अपनी ताकत बढ़ाने के बाद अब बाइडेन से दो-टूक वार्ता की तैयारी में जिनपिंग, घरेलू मामलों में अमेरिकी दखल बर्दाश्त नहीं

Sun, 14 Nov 2021 03:55 PM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

बाइडेन और शी की वीडियो पर बातचीत सोमवार को होगी। अमेरिकी विश्लेषकों के मुताबिक ये बातचीत इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका चीन को भले अपना सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी मानता हो, लेकिन वह उससे संवाद भी बनाए रखना चाहता है।
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी में अपनी ताकत बढ़ाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ अपनी शिखर वार्ता की तैयारी में जुटे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि देश के अंदर अपने को और ताकतवर बनाने के बाद शी अब बाइडन के सामने अधिक मजबूती से अपना पक्ष रखने की स्थिति में हैँ।
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इसी हफ्ते कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के पूर्ण अधिवेशन में उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई, जिससे कम्युनिस्ट पार्टी में शी की हैसियत माओ जे दुंग और देंग श्योओ पिंग के बराबर हो गई है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि शी पर अब कार्यकाल की वह सीमा लागू नहीं होगी, जो कम्युनिस्ट पार्टी के पिछले दो महासचिवों पर लागू हुई थी। अब शी जिनपिंग अनिश्चित काल तक पार्टी और देश के प्रमुख बने रह सकते हैँ। अगले साल उन्हें पांच साल का और कार्यकाल मिलेगा, यह भी अब तय माना जा रहा है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस वजह से अब शी अधिक आत्म विश्वास के साथ जो बाइडन से बातचीत करेंगे।

सोमवार को बाइडेन और जिनपिंग की होगी बात
बाइडेन और शी की वीडियो पर बातचीत सोमवार को होगी। अमेरिकी विश्लेषकों के मुताबिक ये बातचीत इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका चीन को भले अपना सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी मानता हो, लेकिन वह उससे संवाद भी बनाए रखना चाहता है। बाइडेन ने पिछले हफ्ते ग्लासगो में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से गैर-हाजिर रहने के लिए शी की कड़ी आलोचना की थी। लेकिन उसके कुछ ही दिन के बाद अमेरिका और चीन ने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए एक द्विपक्षीय समझौता कर लिया। उसके तुरंत बाद दोनों राष्ट्रपतियों के बीच वर्चुअल शिखर वार्ता की तारीख का एलान हो गया।
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वॉशिंगटन में ह्वाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा- ‘दोनों राष्ट्रपति इस बारे में बात करेंगे कि अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा को जिम्मेदारी के साथ कैसे संभाला जाए। साथ ही जिन मामलों में दोनों देशों के हित मिलते-जुलते हैं, उनमें मिलजुल कर काम करने के तरीकों पर भी वे चर्चा करेंगे।’ साकी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस संभावना से इनकार किया कि शिखर वार्ता के बाद जो बाइडन प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे।

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक शिखर वार्ता में बाइडन मुख्य रूप से चीन के परमाणु हथियारों में विस्तार, उन्नत हथियारों के परीक्षण, और ताइवान को धमकाने के उसके रुख की चर्चा करेंगे। साथ ही वे चीन के शिनजियांग प्रांत में उइघुर मुसलमानों के कथित दमन, हांगकांग में लोकतंत्र के कथित दमन, और चीन के कथित अनुचित व्यापार व्यवहारों के मुद्दे भी उठाएंगे।

चीनी के घरेलू मामलों में अमेरिका करेगा विरोध
इस बीच चीन ने दो टूक कहा है कि वह अपने घरेलू मामलों में अमेरिका के हस्तक्षेप का विरोध करता है। उसने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ अमेरिका के हालिया रक्षा समझौते (ऑकुस) का भी विरोध किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शिखर वार्ता के दौरान शी की तरफ से ये मसले उठाए जाने की संभावना है। ऐसी खबर है कि वार्ता के दौरान शी राष्ट्रपति बाइडन को अगले साल बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलिंपिक खेलों में आने का न्योता देंगे। बाइडन प्रशासन ने अभी तक साफ नहीं किया है कि इन खेलों के प्रति उसका क्या रुख क्या है।
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