तालिबान के लड़ाके जल्द सैनिक के रूप में नजर आ सकते हैं। अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार जल्द ही अपनी औपचारिक सेना बनाने में जुटी है। कार्यवाहक सेना प्रमुख कारी फसीहुद्दीन ने कहा है कि वे एक औपचारिक सेना बनाने पर काम कर रहे हैं। तालिबान या अफगानिस्तान की नई सेना बनाने की योजना को जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा।
फैसिहुद्दीन ने कहा कि देश की रक्षा करने के लिए एक नियमित और मजबूत सेना होनी चाहिए। नई सेना में पिछली सरकार की सेना के पूर्व सैनिकों को भी शामिल किया जाएगा। तालिबान किसी भी खतरे के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ा होगा, चाहे वह बाहरी हो या आंतरिक। जिन लोगों ने सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया है और पेशेवर हैं, उन्हें हमारी नई सेना में इस्तेमाल किया जाएगा। उम्मीद है कि निकट भविष्य में इस सेना का गठन हो जाएगा।
अंतरिम सरकार के चीफ ऑफ स्टाफ कारी फसीहुद्दीन ने सेना को लेकर तालिबान की आगे की रणनीति के बारे में कहा कि अफगानिस्तान की रक्षा के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित भी किया जाना चाहिए। हम देश में गृह युद्ध नहीं छिड़ने देंगे। देश की सुरक्षा और स्थिरता को बाधित करने वाले कुचले जाएंगे। तालिबान का विरोध करने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा।
फसीहुद्दीन ने संभाला पदभार
इससे पहले अफगानी समाचार एजेंसी 'बख्तर' ने मंगलवार को अपने ट्विटर अकाउंट से यह खबर दी कि अफगान सेना प्रमुख फसीहुद्दीन ने पदभार संभाल लिया है।
बता दें, कारी फसीहुद्दीन तालिबान का सबसे खतरनाक और ताकतवर लड़ाका है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2019 में कारी फसीहुद्दीन को अशरफ घनी सरकार के दौरान एक हवाई हमले में मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन तालिबान के फिर सत्तारूढ़ होने पर उसे सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है।
तीन लाख पूर्व सैनिकों का फैसला करे तालिबान
हालांकि, पूर्व सैनिकों का कहना है कि उन्हें अभी तक अपने काम को फिर से शुरू करने के लिए नहीं कहा गया है। एक पूर्व सैन्य अधिकारी शकोरुल्ला सुल्तानी ने कहा कि तालिबान को 3,00,000 सैनिकों के भाग्य के बारे में फैसला करना चाहिए।