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तालिबान का सरकार गठन: पाकिस्तान, चीन, तुर्की समेत छह देशों को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता, भारत से संपर्क नहीं

Mon, 06 Sep 2021 12:39 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

तालिबान फिलहाल अफगानिस्तान में अपने नियंत्रण से बाहर पंजशीर पर कब्जा करने की कोशिश में जुटा है। माना जा रहा है कि यहां पर जीत मिलने के बाद संगठन जल्द सरकार गठन का ऐलान कर देगा। 
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तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला गनी बरादर का 2019 में इस्लामाबाद में स्वागत करते पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी। - फोटो : Pakistan Foreign Office
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विस्तार
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अफगानिस्तान के सभी प्रांतों में कब्जे का दावा करने के बाद तालिबान ने जल्द ही सरकार गठन का फैसला किया है। इसके मद्देनजर संगठन ने चीन, पाकिस्तान, रूस, ईरान, कतर और तुर्की को सरकार गठन के कार्यक्रम के लिए न्योता भी भेजा है। तालिबान के इस न्योते से साफ है कि इन देशों की सरकारों ने पहले ही संगठन से संपर्क साधा है। गौरतलब है कि चीन, रूस, तुर्की और पाकिस्तान ने तो अपने दूतावासों में भी पहले की तरह काम जारी रखा है। हालांकि, भारत से तालिबान का अब तक कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ। 

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एक दिन पहले ही तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने सरकार गठन को अगले सप्ताह तक स्थगित करने का एलान किया था। उसने कहा था कि तालिबान एक ऐसी सरकार बनाने के लिये संघर्ष कर रहा है जो समावेशी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्वीकार्य हो। माना जा रहा है कि तालिबान अगले कुछ दिनों में काबुल में नई सरकार के गठन की घोषणा करेगा, जिसका नेतृत्व संगठन का सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर कर सकता है।

चीन से नियंत्रित होगा तालिबान? बताया सबसे अहम साझेदार
इससे पहले अफगान तालिबान ने चीन को अपना 'सबसे महत्वपूर्ण साझेदार' बताते हुए कहा है कि उसे अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और तांबे के उसके समृद्ध भंडार का दोहन करने के लिए चीन से उम्मीद है। युद्ध से परेशान अफगानिस्तान व्यापक स्तर पर भूख और आर्थिक बदहाली की आशंका का सामना कर रहा है।
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तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि समूह चीन की ‘वन बेल्ट, वन रोड’ पहल का समर्थन करता है जो बंदरगाहों, रेलवे, सड़कों और औद्योगिक पार्कों के विशाल नेटवर्क के जरिए चीन को अफ्रीका, एशिया और यूरोप से जोड़ेगी। मुजाहिद ने यह भी कहा था कि तालिबान क्षेत्र में रूस को भी एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखता है और वह रूस के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा।
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